Friday, September 12, 2014

चुनाव आयोग ने हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है। दोनों राज्यों में एक ही दिन 15 अक्टूबर 2014 को वोटिंग होगी। 19 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी और नतीजे आ जाएंगे। 20 सितंबर को अधिसूचना जारी हो जाएगी। नामांकन भरने की आखिरी तारीख 27 सितंबर होगी। 29 सितंबर को फॉर्मों की जांच खत्म कर ली जाएगी। एक अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। तारीखों के ऐलान के साथ ही चुनाव आयोग ने तुरंत प्रभाव से मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के लागू होने का ऐलान कर दिया। हरियाणा में 90 सीटों पर चुनाव होने हैं जिनमें 17 सीटें रिजर्व कैटिगरी की हैं। महाराष्ट्र में 288 सीटें हैं जिनमें 29 अनुसूचित जाति के लिए और 25 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। हरियाणा में 1.615 करोड़ वोटर अब तक रजिस्टर हो चुके हैं। महाराष्ट्र में अब तक 8.259 करोड़ वोटर अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। चुनाव आयोग ने वोटरों से अपील की है कि सभी जांच लें कि उनका नाम वोटिंग लिस्ट में है या नहीं। हरियाणा में 16244 पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। महाराष्ट्र के लोग 90403 पोलिंग स्टेशनों पर वोट डालेंगे। हर जिले में कुछ मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। चुनाव आयोग ने कहा कि हमारी कोशिश होगी कि हर ब्लॉक में कम से कम एक मॉडल पोलिंग स्टेशन हो। चुनाव आयोग ने साफ किया कि उम्मीदवारों को फॉर्म का हर कॉलम भरना होगा। कॉलम खाली छोड़ने वाले का नामांकन रद्द कर दिया जाएगा।
विधानसभा चुनावः हरियाणा-महाराष्ट्र में 15 अक्टूबर को होगी वोटिंग। 19 अक्टूबर को होगी वोटों की गिनती।

Thursday, August 28, 2014

हरियाणा सरकार की तबादलों पर रोक चंडीगढ़ (ब्यूरो)। विधानसभा चुनाव से पहले स्थानांतरण में उलझी हरियाणा सरकार ने कड़ा फैसला लेते हुए राज्य में कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगा दी है। हरियाणा सचिवालय में इन दिनों आचार संहिता के डर से ट्रांसफर को लेकर आने वाले कर्मचारियों की लंबी फौज है। हर कोई मनचाहा स्टेशन की मांग कर रहा है। सरकार ने इसमें सरकारी विभाग बोर्ड और निगम सभी तरह के तबादले शामिल किए हैं। जिस कारण मंत्रियों के कमरे से लेकर विधानसभा तक गाड़ियों की लाइन लगी है। हालात यह है कि चौथे तल पर पैर रखने की जगह नहीं है। सूत्रों के मुताबिक ट्रांसफर की लिस्ट को लेकर नेता से लेकर अधिकारी तक उलझे हैं। शिक्षा विभाग में बीते दिन ही इस तरह के आदेश लागू हो गए थे। हरियाणा में सबसे ज्यादा कर्मचारी इसी विभाग में हैं। विभाग पिछले कई दिनों से ट्रांसफर के केसों में जूझ रहा था, जब अति हो गई तो बीती देर शाम तबादलों पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी हो गए। उधर, सर्व कर्मचारी संघ के महासचिव सुभाष लांबा ने कहा कि सरकार को बेहद जरूरी ट्रांसफरों पर रोक नहीं लगानी चाहिए।

Monday, August 18, 2014

फिट हैं, रिकॉर्ड भी सही तो कर्मचारी कर सकेंगे 2 साल और सर्विस: चंडीगढ़।सरकार ने कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि सर्विस रिकॉर्ड दुरुस्त और मेडिकली फिट होने पर कर्मचारी चाहे तो दो साल और नौकरी कर सकता है। चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की रिटायरमेंट उम्र 60 साल और अन्य कर्मचारियों की 58 ही रहेगी। शर्तें पूरी करने और कर्मचारी के विकल्प देने पर उसे क्रमश: 62 व 60 साल तक नौकरी में रखा जा सकता है। रविवार के दिन हुई कैिबनेट बैठक में धर्मशालाओं, सामुदायिक केंद्रों, सामाजिक व धर्मार्थ ट्रस्टों को सरकारी भूमि देने की पॉलिसी भी मंजूरी हो गई। प्रदेश में लो डेंसिटी व ईको फ्रेंडली कॉलोनियां विकसित की जाएंगी। इसके लिए लाइसेंस पॉलिसी में संशोधन को भी हरी झंडी मिल गई। सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि कॉलोनियों के लिए कम से कम 100 एकड़ भूमि होने पर ही अतिरिक्त लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकता था। अब 25 एकड़ भूमि ही पर्याप्त होगी। केंद्रीय भू-जल बोर्ड द्वारा जिन भू-खंडों से पानी निकासी प्रतिबंधित है, वहां लो-डेंसिटी व इको-फ्रेंडली काॅलोनी विकसित करने की स्वीकृति नहीं दी जाएगी। वहीं सशस्त्र सैन्य बलों, अर्धसैनिक बलों में शहीदों के आश्रितों को तृतीय व चतुर्थ श्रेणी (फीडर कॉडर) में नियुक्ति देने की नीति संशोधित कर दी गई। केबिनेट बैठक में अन्य फैसले भी > कपड़ा तथा कपड़ा उत्पाद पर वैट में राहत। साड़ी, शाॅल तथा महिलाओं के बिना सिले सूट, 500 रुपए मूल्य तक के बेडशीट, तकिए के गिलाफ सहित और 50 रुपए प्रति पीस के टैक्सटाइल मैट्स। सभी प्रकार के अन्य टैक्सटाइल मेडअप को न्यूनतम टैक्स (15 प्रतिशत कर जमा सरचार्ज) के दायरे में लाया जाएगा। > पीजीटी के लिए हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा तथा बीएड परीक्षा पास करने की अंतिम तिथि 1 अप्रैल, 2015 से बढ़ाकर 1 अप्रैल, 2018 कर दी गई है। > राष्ट्रमंडल खेलों के ऐसे पदक विजेताओं को भी नौकरी दी जाएगी, िजन्होंने आवेदन नहीं किया है। > व्यापारियों को वैट के बकाया अदायगी में राहत देने के लिए हरियाणा वैट अधिनियम-2003 में संशोधन। इसमें ‘एमनेस्टी स्कीम’ (आम माफी योजना) को शामिल करने के लिए अध्यादेश को मंजूरी। > सेवा प्रदाताओं के माध्यम से लगाए गए कम्प्यूटर संकाय शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पहले की भांति सीधी अदायगी जारी रहेगी। कम्प्यूटर शिक्षकों को उसी स्कूल में ड्यूटी के लिए रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है, जहां वे 31 मई, 2014 से पहले तैनात थे। > हरियाणा राज्य अनुसूचित आयोग में उपाध्यक्ष का पद भी होगा। अध्यक्ष सहित आयोग में कुल छह सदस्य होंगे। > हरियाणा पुलिस के 17 कर्मियों के आश्रितों को उनकी योग्यता अनुसार तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी की सरकारी नौकरी देने को मंजूरी। > मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (एमआरटीएस) परियोजनाओं के लिए नवीन वित्तपोषण की नीति को मंजूरी। > दीनबंधु छोटूराम थर्मल पावर प्लांट, यमुनानगर के 59 भूमि विस्थापितों को बिजली निगमों में नौकरी मिलेगी। बोर्डों-निगमों में भी लागू होगी रेगुलराइजेशन पाॅलिसी रेगुलराइजेशन पॉलिसी अब वर्कचार्ज, दैनिक वेतन भोगी, तदर्थ कर्मचारियों के साथ-साथ राज्य के बोर्डों एवं निगमों में भी ग्रुप-बी कर्मचारियों के लिए लागू होगी। इसी तरह नियमित पद पर कुल मिलाकर तीन साल पूरे करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर्स को नियमित करने का भी फैसला कैिबनेट मीिटंग में किया गया है। Source: Dainik Bhaskar

Friday, August 15, 2014

माध्यमिक शिक्षा अभियान का हिस्सा होंगे कंप्यूटर टीचर

राब्यू, चंडीगढ़ : कंप्यूटर शिक्षकों को मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने चुनावी बेला में एक और सौगात दी है। सरकारी स्कूलों में कार्यरत लगभग तीन हजार कंप्यूटर टीचर जल्द ही राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान का हिस्सा बन जाएंगे। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को नई दिल्ली में अपने निवास पर बृहस्पतिवार को यह आश्वासन दिया। नई दिल्ली में मुख्यमंत्री का मुंह मीठा कराने के बाद शिक्षकों ने राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान या शिक्षा निदेशालय के अधीन लिए जाने की मांग रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सेकेंडरी शिक्षा विभाग के महानिदेशक को इसके आदेश दे दिए जाएंगे। जल्द ही कंप्यूटर शिक्षकों को राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान का हिस्सा बनाए जाने की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को बताया कि दोषी निजी कंपनियों को कारण बताओ नोटिस भेजा जा चुका है। उनका करार रद करने की 70 फीसद प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, 19 अगस्त को कंपनियों से समझौता निरस्त कर दिया जाएगा। संघ के अध्यक्ष बलराम धीमान व सुरेश नैन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। उन्हें अप्रैल और मई महीने का वेतन मिल गया है। जल्द ही रुका हुआ वेतन जारी होने का मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया है। कंपनियों पर सरकार शिक्षकों की लगभग 8 करोड़ रुपये की सिक्योरिटी राशि वापस देने का दबाव बनाए हुए है।

Sunday, August 10, 2014

डीम्ड विवि की डिग्रियों पर दुविधा

चंडीगढ़ : डीम्ड विवि की डिग्रियों के सही या गलत होने को लेकर शिक्षा निदेशालय के अधिकारी ही दुविधा में हैं। शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल व वित्तायुक्त सुरीना राजन यूजीसी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बीते बुधवार को पीजीटी को नियुक्ति पत्र देने से इंकार कर चुकी हैं, सेकेंडरी शिक्षा विभाग के अधिकारी इससे इत्तफाक नहीं रखते। पीजीटी को नियुक्ति पत्र देने का काम देख रहे उच्च अधिकारी ने तो डीम्ड विश्वविद्यालयों की डिग्रियों को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी करने से भी इंकार किया है। शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल से वार्ता के बाद चयनित पीजीटी का प्रतिनिधिमंडल नियुक्तियों का काम देख रहे अतिरिक्त निदेशक एमके आहूजा से मिला था। पीजीटी ने अतिरिक्त निदेशक से पूर्णतया स्थिति स्पष्ट करने की गुहार लगाई थी, ताकि वे भविष्य की रणनीति तैयार कर सकें। इस पर अतिरिक्त निदेशक एमके आहूजा ने पीजीटी को आश्वस्त किया था कि यूजीसी की रिपोर्ट नियुक्तियां देने में कहीं आड़े नहीं आ रही। पीजीटी को अपना पक्ष रखने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने पर भी कोई सहमति नहीं बनी है। डिग्रियों के बारे में जो संदेह है, उसे दूर करने के लिए पीजीटी से कुछ दस्तावेज मांगने की तैयारी चल रही है।

Saturday, June 28, 2014

Haryana- डीएड कोर्स की मेरिट लिस्ट 2 को

डीएड कोर्स में प्रवेश की पहली सूची 2 जुलाई को जारी की जाएगी। शैक्षिक सत्र 2014-16 के लिए डीएड (जेबीटी शिक्षक) कोर्स में दाखिले के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 जून तक निर्धारित की गई है। पूरी दाखिला प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। यह दाखिले कक्षा दस जमा दो में प्राप्त अंकों के आधार पर होंगे। डीएड कोर्स फीस का पुनर्निर्धारण करते हुए इसे अब 18 हजार चार सौ रुपये से बढ़ाकर 25 हजार 6 सौ रुपये प्रतिवर्ष कर दिया गया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं अध्यापक शिक्षा परिषद (एससीईआरटी) की ओर से गत 15 जून से दाखिला प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य में करीब 20 हजार से अधिक सीटों के लिए यह दाखिला प्रक्रिया पूरी की जानी है। करीब सवा तीन सौ शिक्षण कॉलेजों व डाईटस में दाखिले किए जाने हैं। एससीईआरटी की वेबसाइट के दिशा निर्देशानुसार उम्मीदवारों को 30 जून तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

KUK - बीए फाइनल का परिणाम घोषित

कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की परीक्षा शाखा ने शुक्रवार को बीए फाइनल का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया। परीक्षा शाखा के कंट्रोलर डॉ. हुक्म सिंह ने बताया कि अप्रैल व मई 2014 में हुई बीए फाइनल वार्षिक परीक्षा में कुल 18557 परीक्षार्थी बैठे थे। जिसमें से 7805 उत्तीर्ण हुए। वहीं एमएससी प्राणी शास्त्र चौथे सेमेस्टर के 52 में से 34 विद्यार्थी पास हुए। डॉ. सिंह ने बताया कि परीक्षा परिणाम केयू की वेबसाइट रिजल्ट डॉट केयूके डॉट एसी डॉट इन पर उपलब्ध है।

Wednesday, June 25, 2014

MDU-एमफिल के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू

रोहतक। एमडीयू में सत्र 2014-15 के लिए विभिन्न शैक्षणिक विभागों में एमफिल पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। विवि के निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी ने बताया कि मदवि मे वाणिज्य में एमफिल पाठ्यक्रम की 15 सीटें, शिक्षा में 15 सीटें, शारीरिक शिक्षा में 15 सीटें, अंग्रेजी में 15 सीटें, हिन्दी में 20 सीटें हैं। वहीं, पत्रकारिता एवं जनसंचार में 15 सीटें, संस्कृत में 15 सीटें, रक्षा एवं सामरिक अध्ययन में 15 सीटें, अर्थशास्त्र में 15 सीटें, भूगोल में 15 सीटें, इतिहास में 15 सीटें, राजनीति विज्ञान में 15 सीटें, मनोविज्ञान में 15 सीटें, लोक प्रशासन में 15 सीटें, समाज शास्त्र में 15 सीटें, संगीत (वादन) में 10 सीटें, संगीत (गायन) में 10 सीटें, गणित में 15 सीटें तथा सांख्यिकी में 15 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें आनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 26 अगस्त है। पाठय़क्रम तथा प्रवेश प्रक्रिया विवरण मदवि वेबसाइट पर उपलब्ध है।

शिक्षामंत्री भुक्कल ने कंप्यूटर टीचर्स का रिकॉर्ड तलब किया

चंडीगढ़ शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने निजी कम्पनियों के माध्यम से प्रदेश के स्कूलों में लगे कम्प्यूटर अध्यापकों की शिकायतों को गम्भीरता से लेते हुए विभाग तथा निजी कम्पनियों के बीच हुए समझौतों का रिकार्ड तथा इनसे संबंधित दस्तावेज तलब किये हंै ताकि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले स्थिति का गहराई से आकलन किया जा सके ।भुक्कल कम्प्यूटर अध्यापकों और निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता कर रही थी। उन्होंने कहा कि वह पूरे मामले की निजी तौर पर जांच करेंगी और दोषी, चाहे वह विभाग का कोई अधिकारी हो या निजी कम्पनियों का प्रतिनिधि हो अथवा कम्प्यूटर अध्यापक हों, के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। कंप्यूटर अध्यापक संघ के प्रतिनिधियों से बात की। र्शीमती भुक्कल ने स्कूल शिक्षा के निदेशक विवेक अत्रेय को अगले शुक्रवार को शिक्षा सदन, पंचकूला में कम्प्यूटर अध्यापकों और निजी कम्पनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने तथा आगामी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

महिलाओं को मिल सकती है इनकम टैक्‍स में ज्‍यादा छूट

नई दिल्ली. सरकार ने 8 जुलाई को रेल बजट और 10 जुलाई को आम बजट पेश करने का फैसला किया है। पीएम मोदी की ओर से कड़े कदम उठाए जाने की बात कहे जाने के बावजूद आम लोगों को कई तरह की रियायत देने की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्री अरुण जेटली वर्ष 2014-15 के आम बजट में नौकरीपेशा महिलाओं को बड़ी राहत दे सकते हैं। मोदी सरकार महिलाओं के इनकम टैक्स से जुड़े स्लैब को बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। इसके तहत पूर्व में महिलाओं को पुरुषों की तुलना में इनकम टैक्स में ज्यादा छूट मिलने जैसी व्यवस्था फिर से बहाल हो सकती है। 2012-13 के बजट में महिलाओं और पुरुषों, दोनों के लिए टैक्स छूट की सीमा 2 लाख रुपए सालाना कर दी गई थी। महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष रियायत सूत्रों के अनुसार, सरकार देश के कर (टैक्स) ढांचे में बदलाव की योजना बना रही है। इसके तहत सरकार पुरुषों की न्यूनतम आयकर छूट (दो लाख रुपए) को बढ़ाकर तीन लाख कर सकती है, वहीं सरकार नौकरीपेशा महिलाओं को खास छूट देने के मूड में है। पुरुषों की तुलना में उनकी न्यूनतम इनकम टैक्स छूट 3.25 से 3.50 लाख रुपए तक की जा सकती है। इतना ही नहीं, सरकार बुजुर्गों को इनकम टैक्स देने में छूट संबंधी उम्र सीमा 65 से घटाकर 60 साल करने के प्रस्ताव पर भी विचार कर रही है। इसके साथ ही सरकार डायरेक्ट टैक्स कोड बिल-2013 के कुछ प्रस्तावों पर भी विचार कर रही है। टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत संभव अगले महीने पेश होने वाले बजट में सरकार इनकम टैक्स बचाने के लिए आपको और ज्यादा हथियार दे सकती है। कई जानकारों के मुताबिक, सरकार इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी की लिमिट एक लाख रुपए से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपए कर सकती है और इसमें इंफ्रा बॉन्ड और हेल्थ इन्श्योरेंस शामिल किए जा सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि 80सी में इंफ्रा बॉन्ड को शामिल किया जा सकता है। साथ ही इंफ्रा बॉन्ड में निवेश 20,000 से बढ़ाकर 30,000 रुपए किया जा सकता है। हेल्थ इन्श्योरेंस को भी 80सी में शामिल किया जा सकता है। हेल्थ इन्श्योरेंस में छूट 15,000 रुपए की सीमा से बढ़ाया जा सकता है।

Himachal - कोर्ट ने पलटा फैसला: कहा 359 टीजीटी के पदों पर पुराने नियम करें लागू

शिमला।हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि वह टीजीटी (मेडिकल और नॉन मेडिकल) के 359 पदों को 22 अक्टूबर, 2009 से पहले बने आरएंडपी नियमों के तहत भरे। कोर्ट ने कहा कि ये पद जुलाई 2009 से अक्टूबर 2009 के अंतराल में खाली हुए थे। इन्हें समय पर न भरने के कारण इन पदों को भरने के लिए नए नियम थोपना कानून गलत होगा। कोर्ट ने आदेश दिए कि सरकार इन पदों को भरने के लिए हिमाचल प्रदेश एजुकेशन डिपार्टमेंट सर्विस रुल्स-1973 के तहत निहित शर्तों की अनुपालना करें। 22 अक्टूबर, 2009 और इसके बाद इन नियमों में हुए संशोधनों को इन पदों के संबंध में लागू न किया जाए। कोर्ट के इस फैसले से कुछ शिक्षकों को झटका लग सकता है। जो नए नियमों के तहत इन पुराने पदों पर पदोन्नत कर दिए गए थे। साइंस के पदों में भर्ती प्रार्थी शिक्षकों के अनुसार जुलाई 2009 से अक्टूबर 2009 तक टीजीटी (मेडिकल और नॉन मेडिकल)के 359 पद खाली हुए। इन पदों को उस दौरान नहीं भरा गया और बाद में भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन कर दिया। 2009 में आरएंडपी नियम बदले 22 अक्टूबर, 2009 को सरकार ने नियमों में संशोधन कर बतौर जेबीटी अध्यापक 2 वर्ष के नियमित कार्यकाल को बढ़ाकर 5 वर्ष कर दिया था ताकि उन्हें इन पदों पर भरने के लिए कंसीडर किया जाए। 16 जुलाई 2011 को फिर से इन नियमों में संशोधन कर टीजीटी शिक्षकों की भर्ती के लिए ग्रेजुएशन में 50 फीसदी अंकों की शर्त को जोड़ दिया। कई शिक्षक प्रमोशन से हो गए थे महरुम नए आरएंडपी नियमों में परिर्वतन के कारण कई टीजीटी साइंस के शिक्षक पदोन्नतियों के लिए अयोग्य हो गए। अब मिलेगी प्रमोशन:हाईकोर्ट के आदेशों के बाद अब शिक्षक पदोन्नति का लाभ ले पाएंगे। नए नियमों से भर्ती करना तर्कसंगत नहीं। हाईकोर्ट ने अपने आदेशों में कहा कि इन पदों को भरने के लिए पुरानी रिक्तियां पुराने नियम वाले सिद्धांत का अनुपालन होना चाहिए था क्योंकि सरकार ने न तो कभी यह निर्णय लिया कि ये पद कभी भी भरे नहीं जाएंगे और न ही कोई सकारात्मक निर्णय लिया कि इन पदों को भरने के लिए नए नियम लागू किए जाएंगे। प्रार्थियों की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए 359 पदों पर भर्तियां पुराने नियमों के तहत किए जाने के आदेश पारित किए गए हैं। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने उन जेबीटी शिक्षकों को राहत दी है जो नए नियमों के तहत पदोन्नति के लिए पात्र नहीं रह गए थे।

Tuesday, June 24, 2014

पुरानी फाइलों से निकली इतिहास की खुशबू

नई दिल्ली : मंत्रालयों को साफ सुथरा रखने की पीएम नरेंद्र मोदी की मुहिम के तहत होम मिनिस्ट्री में पुरानी और बिना काम की फाइलों को नष्ट किया जा रहा है। इनमें तमाम ऐतिहासिक महत्व की दिलचस्प फाइलें भी सामने आईं, जिन्होंने बीते जमाने की याद ताजा कर दी। एक फाइल राष्ट्रपति की उस मंजूरी की थी, जो आजाद भारत के पहले गवर्नर जनरल लॉर्ड माउंटबेटन को 64 हजार रुपये टीए-डीए भत्ते के रूप में देने से संबंधित थी। यह राशि आज कई करोड़ रुपये होगी। अन्य दिलचस्प फाइल देश के पहले राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद की ओर से पेंशन लेने से इनकार संबंधी थी। उनकी पेंशन अंतत: सरकार के आपदा कोष में भेजी गई। एक अन्य फाइल से पता लगा कि पूर्व राष्ट्रपति लाल बहादुर शास्त्री का वेतन भी आपदा कोष में भेजा गया था। शास्त्री ने भी वेतन लेने से इनकार कर दिया था। एक अधिकारी ने बताया कि एक फाइल में उस कैबिनेट बैठक का ब्यौरा था, जो महात्मा गांधी के निधन की खबर की घोषणा से पहले बुलायी गयी थी। हालांकि अभी इस बारे में कोई स्पष्ट गाइडलांइस नहीं कि इन दुर्लभ फाइलों का क्या किया जाय।

Monday, June 23, 2014

पीजीटी का भविष्य अब वित्तायुक्त के हाथों में

चंडीगढ़ : अनुभव के आधार पर नव चयनित पीजीटी का भविष्य शिक्षा विभाग की वित्तायुक्त तय करेंगी। शिक्षा निदेशालय पीजीटी की नियुक्तियों को लेकर गेंद एक बार गेंद उनके पाले में फेंकने जा रहा है। 18 से 20 जून तक किए गए पीजीटी के शैक्षणिक दस्तावेजों के पुन: सत्यापन की रिपोर्ट निदेशालय से सोमवार को वित्तायुक्त के पास भेज दी जाएगी। रिपोर्ट के आकलन पर ही तय होगा कि पीजीटी नियुक्ति पाने के हकदार हैं या नहीं। शिक्षा निदेशालय पीजीटी के अनुभव प्रमाणपत्रों पर संदेह होने के कारण ही उनकी नियुक्ति रोके हुए है। इससे पहले भी अनेक बार अनुभव प्रमाणपत्र व अन्य दस्तावेजों की जांच कराई जा चुकी है। इस बार शिक्षा निदेशालय ने सत्यापन कार्य के लिए अति निदेशक एमके आहूजा के नेतृत्व में छह सदस्यीय समिति गठित की हुई थी। समिति ने तीन दिन में 364 पीजीटी के अनुभव व अन्य प्रमाणपत्रों की गहनता से जांच की। जांच में बकायदा पीजीटी व जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ ही प्रमाणपत्र देने वाले स्कूल के मुखिया को भी शामिल किया गया। समिति ने जांच-पड़ताल के दौरान चयनित पीजीटी से कोई सवाल नहीं किया। समिति के अध्यक्ष अतिरिक्त निदेशक एमके आहूजा ने अपनी रिपोर्ट सेकेंडरी शिक्षा विभाग के महानिदेशक विवेक अत्रे को सौंप दी है। रिपोर्ट में दस्तावेजों के प्रमाणिक होने या न होने को लेकर की गई टिप्पणी गोपनीय रखी गई है। सेकेंडरी शिक्षा विभाग के महानिदेशक विवेक अत्रे ने बताया कि नव चयनित पीजीटी के प्रमाणपत्रों की जांच का काम पूरा हो चुका है। सोमवार को नियुक्ति संबंधी फाइल विभाग की वित्तायुक्त सुरीना राजन को भेज दी जाएगी। उनके आदेशानुसार ही आगामी कार्रवाई अमल में लाएंगे। उधर, नव चयनित पीजीटी शिक्षक जल्द नियुक्ति आदेश जारी करने की मांग कर रहे हैं।

Saturday, June 21, 2014

UGC ने DU को चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम खत्म करने को कहा

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने दिल्ली विश्वविद्यालय से चार सालों के स्नातक पाठ्यक्रम (एफवाईयूपी) को रद्द करने को कहा है. पाठ्यक्रम का विरोध करने वाले शिक्षकों का दावा है कि कुलपति अभी भी चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम का समर्थन कर रहे हैं. शनिवार को आकादमिक परिषद की बैठक की बैठक हुई जिसमें एफवाईयूपी के कई विषयों पर चर्चा हुई. यह चर्चा हंगामे के साथ शुरू हुई. शिक्षकों के अनुसार बैठक में कुलपति ने यूजीसी पर ही आरोप लगाया है कि आयोग ने जल्दबाजी में तथ्यों को नजरअंदाज कर इस पाठ्यक्रम को खत्म करने का आदेश दिया है. 13 जून को यूजीसी ने डीयू से इस कार्यक्रम की समीक्षा करने को कहा. आयोग के अनुसार यह पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लंघन है जो 10 प्लस 2 प्लस 3 पैटर्न का पालन करती है. हालांकि डीयू इस कार्यक्रम के समर्थन में है. आयोग को दिए जवाब में विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया है कि इसे लागू करने के संदर्भ में अध्यादेश में जरूरी संशोधन किए हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ समेत एबीवीपी, एनएसयूआई, आईसा, एआईडीएसओ, एआईएसएफ, सीवाईएसएस, डीएसयू, आईएनएसओ, केवाईएस, एसएफआई, एसवाईएस समेत कई छात्र संगठनों ने इस पाठको वापस लेने और ही कुलपति के इस्तीफे की मांग की है.