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Saturday, December 19, 2015

Thursday, December 17, 2015

Monday, December 7, 2015

HTET Level-3 Re-Exam on 20th Feb 2016

20 फ़रवरी को होगी पीजीटी पात्रता परीक्षा (HTET)
भिवानी-07 नवम्बर : हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा 2014-15 के संबंध में आज जारी प्रेस वक्तव्य में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड सचिव, श्री पंकज ने बताया कि 14 नवम्बर, 2015 को आयोजित लेवल-3 की रद्द की गई परीक्षा का पुन: आयोजन 20 फरवरी, 2016, शनिवार को करवाया जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड दौबारा से जारी किए जाएंगे। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की तिथि शीघ्र ही सूचित की जाएगी।
बोर्ड सचिव ने आगे बताया कि पुन: परीक्षा के लिए किसी भी प्रकार का नया रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया जाएगा। केवल पूर्व में पंजीकृत पात्र परीक्षार्थियों को ही पुन: परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।

Saturday, August 22, 2015

एचटेट (HTET) स्‍थगित हुई, अब अक्‍टूबर में होगी

चंडीगढ़। हरियाणा पात्रता परीक्षा (एचटेट) स्थगित कर दी गई है। यह परीक्षा 30 व 31 अगस्त को होनी थी। अब यह अक्टूबर में होगी, हालांकि इसी तिथि की घोषणा अभी नहीं की गई है। यह निर्णय दिल्ली में श्ािक्षामंत्री रामबिलास शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में किया गया। इस परीक्षा की सारी तैयारी हो गई थी, ऐसे में इसकी तिथि आगे बढ़ाने से हरियाणा विद्यालय परीक्षा बोर्ड को भारी नुकसान होगा।
अक्टूबर में स्कूलों में बोर्ड की सेमेस्टर परीक्षा भी हाेनी है। ऐसी हालत मेें इस परीक्षा के आयोजन के लिए बोर्ड को एचटेट परीक्षा के आयोजन के लिए खासी माथापच्ची करने पड़ेगी। पात्रता परीक्षा में उम्मीदवारो का परीक्षा सेंटर उनके गृह जिले में ही होगा। यह परीक्षा आगे खिसक जाने से उम्मीदवारों का भारी नुकसान होगा। 21 अगस्त से पीजीटी भर्ती के आवेदन भी शुरू हो गए हैं। जितनी देरी से ये परीक्षा होगी नई भर्ती भी उतनी ही देरी से होगी।
परीक्षा केंद्र को लेकर शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा की पिछले दिनों घोषणा के बाद गतिरोध पैदा हुआ था। रामबिलास शर्मा ने कहा था कि एचटेट के परीक्षा केंद्र उम्मीदवारों के गृह जिलों में ही होंगे। हरियाणा विद्यालय परीक्षा बोर्ड के अधिकारियों का कहना था कि परीक्षा की सारी तैयारियों पूरी हो चुकी हैं, ऐेसे में अगले साल से ही इस व्यवस्था को लागू किया जा सकता है।
मंत्री की जिद की जीत
हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) के परीक्षा केंद्रों में बदलाव को लेकर गतिरोध पिछले कई दिनों से बना हुआ था। शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा परीक्षा केंद्र परीक्षार्थियों के अपने गृह जिले में करने के अपने एलान को किसी कीमत पर मूर्तरूप देना चाहते थे। उनकी घाेषणा के बाद हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने बड़ नुकसान का हवाला देकर इसे आगे से लगाू करने की बात कही थी, लेकिन आखिर मंत्री की जिद की जीत हुई।
बोर्ड के चेयरमैन टीसी गुप्ता ने शुक्रवार को कहा था कि शिक्षा मंत्री की बात पर विचार किया जा रहा है लेकिन फिलहाल यह मुश्किल है। शिक्षामंत्री का टेलीफोन आया था, लेकिन उनका कोई लिखित आदेश हमारे पास नहीं है। फिर भी इस पर विचार करेंगे। लेकिन अब यह मुश्किल है क्योंकि समय बहुत कम बचा है। हां, अगले सत्र के लिए जरूर इस पर विचार किया जा सकता है। अगर अभी बदलाव किया जाता है तो बोर्ड पर करीब दस करोड़ रुपये का नुकसान होगा।
शिक्षा मंत्री ने बुलाई बैठक
इस मामले में शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा अफसरों के रुख पर सहमत नजर नहीं आए और उन्होंने शनिवार को नई दिल्ली में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक बुला ली। इस बैठक में परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय सुना दिया गया।
इस परीक्षा में प्रदेश से करीब साढ़े चार लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। शिक्षा बोर्ड केंद्र तय करने के साथ परीक्षार्थियों को रोल नंबर भी जारी किए जा चुके थे। बोर्ड चेयरमैन का कहना था कि परीक्षा के लिए सारी व्यवस्था करने में तीन माह का समय लगता है, वह केवल एक सप्ताह में करना संभव नहीं है।

एआइपीएमटी की तर्ज पर होनी थी परीक्षा
परीक्षा का आयोजन एआइपीएमटी की तर्ज पर होगा और उसी तर्ज पर केंद्रों पर चौकसी बरती जाएगी। लेकिन नई स्थिति के बाद इस पर सवाल उठ गए हैं

http://m.jagran.com/haryana/panchkula-12769782.html

Thursday, June 11, 2015

HTET 29 व 30 अगस्‍त को

जागरण संवाददाता, भिवानी : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित अध्यापक पात्रता परीक्षा 29 व 30 अगस्त को होगी। इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 15 जून से होगा। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 30 जून तय की गई है।

बोर्ड के सचिव पंकज ने बताया कि कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सी.बी.टी.) के लिए सामान्य श्रेणी के लिए परीक्षा शुल्क 600 रूपये प्रति लेवल, हरियाणा राज्य के अनुसूचित जाति व नि:शक्तजन वर्ग के उम्मीदवार के लिए 300 रुपये प्रति लेवल तथा अन्य राज्यों के आवेदकों की फीस 600 रूपये प्रति लेवल निर्धारित की गई है।

उन्होंने बताया कि परंपरागत पेपर आधारित टेस्ट (ऑफलाइन) के लिए सामान्य श्रेणी की फीस 700 रूपये प्रति लेवल, राज्य के अनुसूचित जाति व नि:शक्तजन वर्ग की फीस 350 रूपये प्रति लेवल तथा अन्य राज्यों के सभी आवेदकों की फीस 700 रूपये प्रति लेवल निर्धारित की गई है।

यह होगा परीक्षा कार्यक्रम:
29 अगस्त -लेवल-3 (पीजीटी - लेक्चरार) की परीक्षा प्रात: 11:00 बजे से दोपहर 01:30 बजे।

30 अगस्त - लेवल-1 (प्राईमरी अध्यापक - कक्षा 1 से 5) की परीक्षा प्रात: 11:00 बजे से दोपहर 01:30 बजे। लेवल-2 (टीजीटी अध्यापक - कक्षा 6 से 8) की परीक्षा बाद दोपहर 02:30 बजे से 05:00 बजे तक आयोजित करवाई जाएगी।

Thursday, February 19, 2015

Wednesday, February 4, 2015

क्लर्कों को लेक्चरर बनाने से सरकार का फिर इंकार


सुरजीत सिंह सत्ती
चंडीगढ़। लेक्चरर के लिए शैक्षणिक योग्यता रखने वाले क्लर्कों को हरियाणा सरकार ने बतौर लेक्चरर नियुक्त करने से फिर इंकार कर दिया है। अवमानना के एक मामले में प्रमुख शिक्षा सचिव एमएल कौशिक ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जवाब दाखिल किया है कि यह दावा नकार दिया गया है। जस्टिस हरिंदर सिंह सिद्धू की एकल बेंच ने अवमानना याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ता को शिक्षा विभाग के आदेश को चुनौती देने की छूट दे दी है।
डीपीआई पंजाब ने आठ जुलाई 1965 को हिदायत दी थी कि लेक्चरर और मास्टर भर्ती में 50 फीसदी पद सीधे, डेपुटेशन या तबादला आधार पर भरे जाएं। हरियाणा गठन के सालों बाद तक प्रदेश में पंजाब के नियम चलते रहे और इसी हिदायत के आधार पर क्लेरिकल स्टाफ के कई ऐसे कर्मचारियों ने उन्हें तबादला आधार पर लेक्चरार भर्ती करने की मांग की थी। इसमें हवाला दिया गया था कि मिनिस्टीरियल स्टाफ से तबादला आधार पर भी भर्तियां हुईं। सरकार ने यह मांग नहीं मानी थी और ये कर्मचारी हाईकोर्ट आ गए थे। याचिका की सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने कहा था कि पंजाब डीपीआई की यह हिदायत 16 नवंबर 2011 को वापस ली जा चुकी है और हरियाणा स्टेट स्कूल लेक्चरर (ग्रुप-सी) नियम-9 वर्ष 1998 में बनाया जा चुका है।
सरकार ने कहा था कि लेक्चरर इसी नियम के तहत भर्ती किए जाते हैं। जस्टिस टीएस ढींडसा की एकल बेंच ने कर्मचारियों की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि जब नियम बन चुके हैं तो डीपीआई की हिदायत का कोई औचित्य नहीं रह जाता। इन कर्मचारियों ने एकल बेंच के फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी। जस्टिस सूर्यकांत की डिवीजन बेंच ने सात अगस्त 2013 को अपील का निपटारा किया था। अरुणा देवी के मामले में बेंच ने कहा था कि जिस वक्त अरुणा ने लेक्चरर भर्ती का दावा किया था, उस वक्त डीपीआई की हिदायत वापस नहीं ली गई थी। अपील के निपटारे में सरकार को निर्देश दिया था कि अरुणा के दावे पर फैसला लिया जाए।
डिवीजन बेंच के फैसले के मुताबिक अरुणा ने सरकार के पास अपना दावा पेश किया। उसने कहा था कि सरकार ने हिदायत 16 नवंबर 2011 को वापस ली, लेकिन उसने दावा जनवरी 2011 में ही कर दिया था। सरकार ने उसके दावे पर कोई फैसला नहीं लिया था। इसी कारण अरुणा ने तत्कालीन प्रमुख शिक्षा सचिव सुरीना राजन के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना करने पर कार्रवाई की मांग को लेकर याचिका दायर की थी। याचिका पर प्रमुख शिक्षा सचिव को नोटिस जारी किया गया था। अब मौजूदा प्रमुख शिक्षा सचिव एमएल कौशिक ने जवाब दाखिल किया है कि हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक अरुणा के दावे पर गौर किया गया और दावा ठुकरा दिया गया है। जस्टिस सिद्धू की एकल बेंच ने अब अवमानना याचिका निपटा दी है, लेकिन साथ ही अरुणा को प्रमुख शिक्षा सचिव की ओर से उसका दावा नकारने के आदेश को चुनौती देने की छूट दे दी है।

Thursday, January 29, 2015

Thursday, January 15, 2015

Haryana: वेतन वृद्धि (Increment) की तिथि के संबंध में निर्देश

हरियाणा में वेतन वृद्धि के संबंध में निर्देश जारी:
चंडीगढ़(ब्यूरो)। प्रदेश सरकार ने 1 जनवरी, 2006 अथवा इसके बाद सरकारी सेवा में आए कर्मचारियों के लिए संशोधित वेतन ढांचे में आगामी वेतन वृद्धि की तिथि के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। सरकारी प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि जो कर्मचारी 1 जनवरी से 30 जून तक सेवा में आए हैं उन्हें उसी साल की 1 जुलाई को आनुपातिक वेतन वृद्धि मिलेगी, जिसकी गणना पूर्ण हुए महीनों की संख्या के आधार पर की जाएगी। जो कर्मचारी किसी भी माह की पहली से 15 तारीख के बीच सेवा में आए हैं, उनका पूरा मास माना जाएगा और 16 तारीख से महीने के अंत तक कार्यभार ग्रहण करने वाले कर्मचारियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
इसी तरह से जो कर्मचारी 1 जुलाई से 31 दिसंबर तक सेवा में आए हैं उन्हें अगले वर्ष की 1 जुलाई को आनुपातिक वेतन वृद्धि मिलेगी, जिसकी गणना पूर्ण हुए महीनों की संख्या के आधार पर की जाएगी अर्थात वेतन वृद्धि की पूरी राशि की गणना की जाएगी तथा इसे पूर्ण किए गए महीनों की संख्या से गुणा करके 12 से विभाजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जो कर्मचारी किसी भी माह की पहली से 15 तारीख के बीच सेवा में आए हैं उनका पूरा मास माना जाएगा और 16 तारीख से महीने के अंत तक कार्यभार ग्रहण करने वाले कर्मचारियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
http://finhry.gov.in/writereaddata/Notification%20&%20Order/Pay%20Revision%20Branch/6243.pdf