Thursday, February 19, 2015

Wednesday, February 4, 2015

क्लर्कों को लेक्चरर बनाने से सरकार का फिर इंकार


सुरजीत सिंह सत्ती
चंडीगढ़। लेक्चरर के लिए शैक्षणिक योग्यता रखने वाले क्लर्कों को हरियाणा सरकार ने बतौर लेक्चरर नियुक्त करने से फिर इंकार कर दिया है। अवमानना के एक मामले में प्रमुख शिक्षा सचिव एमएल कौशिक ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जवाब दाखिल किया है कि यह दावा नकार दिया गया है। जस्टिस हरिंदर सिंह सिद्धू की एकल बेंच ने अवमानना याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ता को शिक्षा विभाग के आदेश को चुनौती देने की छूट दे दी है।
डीपीआई पंजाब ने आठ जुलाई 1965 को हिदायत दी थी कि लेक्चरर और मास्टर भर्ती में 50 फीसदी पद सीधे, डेपुटेशन या तबादला आधार पर भरे जाएं। हरियाणा गठन के सालों बाद तक प्रदेश में पंजाब के नियम चलते रहे और इसी हिदायत के आधार पर क्लेरिकल स्टाफ के कई ऐसे कर्मचारियों ने उन्हें तबादला आधार पर लेक्चरार भर्ती करने की मांग की थी। इसमें हवाला दिया गया था कि मिनिस्टीरियल स्टाफ से तबादला आधार पर भी भर्तियां हुईं। सरकार ने यह मांग नहीं मानी थी और ये कर्मचारी हाईकोर्ट आ गए थे। याचिका की सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार ने कहा था कि पंजाब डीपीआई की यह हिदायत 16 नवंबर 2011 को वापस ली जा चुकी है और हरियाणा स्टेट स्कूल लेक्चरर (ग्रुप-सी) नियम-9 वर्ष 1998 में बनाया जा चुका है।
सरकार ने कहा था कि लेक्चरर इसी नियम के तहत भर्ती किए जाते हैं। जस्टिस टीएस ढींडसा की एकल बेंच ने कर्मचारियों की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि जब नियम बन चुके हैं तो डीपीआई की हिदायत का कोई औचित्य नहीं रह जाता। इन कर्मचारियों ने एकल बेंच के फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी। जस्टिस सूर्यकांत की डिवीजन बेंच ने सात अगस्त 2013 को अपील का निपटारा किया था। अरुणा देवी के मामले में बेंच ने कहा था कि जिस वक्त अरुणा ने लेक्चरर भर्ती का दावा किया था, उस वक्त डीपीआई की हिदायत वापस नहीं ली गई थी। अपील के निपटारे में सरकार को निर्देश दिया था कि अरुणा के दावे पर फैसला लिया जाए।
डिवीजन बेंच के फैसले के मुताबिक अरुणा ने सरकार के पास अपना दावा पेश किया। उसने कहा था कि सरकार ने हिदायत 16 नवंबर 2011 को वापस ली, लेकिन उसने दावा जनवरी 2011 में ही कर दिया था। सरकार ने उसके दावे पर कोई फैसला नहीं लिया था। इसी कारण अरुणा ने तत्कालीन प्रमुख शिक्षा सचिव सुरीना राजन के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना करने पर कार्रवाई की मांग को लेकर याचिका दायर की थी। याचिका पर प्रमुख शिक्षा सचिव को नोटिस जारी किया गया था। अब मौजूदा प्रमुख शिक्षा सचिव एमएल कौशिक ने जवाब दाखिल किया है कि हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक अरुणा के दावे पर गौर किया गया और दावा ठुकरा दिया गया है। जस्टिस सिद्धू की एकल बेंच ने अब अवमानना याचिका निपटा दी है, लेकिन साथ ही अरुणा को प्रमुख शिक्षा सचिव की ओर से उसका दावा नकारने के आदेश को चुनौती देने की छूट दे दी है।

Thursday, January 29, 2015

Thursday, January 15, 2015

Haryana: वेतन वृद्धि (Increment) की तिथि के संबंध में निर्देश

हरियाणा में वेतन वृद्धि के संबंध में निर्देश जारी:
चंडीगढ़(ब्यूरो)। प्रदेश सरकार ने 1 जनवरी, 2006 अथवा इसके बाद सरकारी सेवा में आए कर्मचारियों के लिए संशोधित वेतन ढांचे में आगामी वेतन वृद्धि की तिथि के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। सरकारी प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि जो कर्मचारी 1 जनवरी से 30 जून तक सेवा में आए हैं उन्हें उसी साल की 1 जुलाई को आनुपातिक वेतन वृद्धि मिलेगी, जिसकी गणना पूर्ण हुए महीनों की संख्या के आधार पर की जाएगी। जो कर्मचारी किसी भी माह की पहली से 15 तारीख के बीच सेवा में आए हैं, उनका पूरा मास माना जाएगा और 16 तारीख से महीने के अंत तक कार्यभार ग्रहण करने वाले कर्मचारियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
इसी तरह से जो कर्मचारी 1 जुलाई से 31 दिसंबर तक सेवा में आए हैं उन्हें अगले वर्ष की 1 जुलाई को आनुपातिक वेतन वृद्धि मिलेगी, जिसकी गणना पूर्ण हुए महीनों की संख्या के आधार पर की जाएगी अर्थात वेतन वृद्धि की पूरी राशि की गणना की जाएगी तथा इसे पूर्ण किए गए महीनों की संख्या से गुणा करके 12 से विभाजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जो कर्मचारी किसी भी माह की पहली से 15 तारीख के बीच सेवा में आए हैं उनका पूरा मास माना जाएगा और 16 तारीख से महीने के अंत तक कार्यभार ग्रहण करने वाले कर्मचारियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
http://finhry.gov.in/writereaddata/Notification%20&%20Order/Pay%20Revision%20Branch/6243.pdf

Monday, January 12, 2015

Haryana - School Time



Due to intense cold weather and fog in the region, the Government has decided to change the school timings for 12.01.2015 (Monday) to 17.01.2015 (Saturday) from 10:00 a.m. to 4:00 p.m. instead of 9:00 a.m. to 3:30 p.m. It would applicable to all schools including private schools.

JBT 2011 Case: अब दस्तखत की होगी सीएफएसएल जांच


Wednesday, December 31, 2014

Monday, December 29, 2014

10वीं से 12वीं तक जल्द खत्म होगा सेमेस्टर सिस्टम: शर्मा

अनिल भारद्वाज, गुड़गांव:
प्रदेश के शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने कहा है कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10 एवं 12 वीं कक्षाओं में सेमेस्टर सिस्टम जल्द खत्म किया जाएगा। इसपर सरकार विचार कर रही है। इसके लिए प्रदेश शिक्षा मंत्रलय ने एक समिति बनाई है, जो सरकार को इस बारे में रिपोर्ट देगी। रविवार को क्रीड़ा भारती खेल उत्सव का उद्घाटन करने के बाद प्रो.शर्मा ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि वर्ष में छात्र करीब 200 दिन स्कूल जाते हैं और उसमें सेमेस्टर सिस्टम सही नहीं बैठ रहा है। इससे छात्रों व अध्यापकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन सभी मुद्दों पर विचार किया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि सरकार जल्द ही नई शिक्षा पालसी लागू करेगी। उन्होंने कहा कि सेमेस्टर सिस्टम में छात्रों को ज्यादा भाग दौड़ करना पड़ता है, जबकि बोर्ड की कक्षा में छात्रों को एक आसान तरीके से टेस्ट देने की प्रक्रिया होनी चाहिए। मंत्री ने कहा ऐसा नहीं है कि सेमेस्टर से छात्र ज्यादा अच्छे रिजल्ट मिल रहे हैं, बल्कि वार्षिक परीक्षा प्रणाली में ज्यादा अच्छे रिजल्ट मिलते रहे हैं।


स्कूलों में साल में दो बार होगी मूल्यांकन परीक्षा

पहले चरण में प्राथमिक व दूसरे में मिडिल स्कूलों से होगी शुरुआत

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़ : नो डिटेंशन पॉलिसी (कोई फेल नहीं) लागू होने के बाद पढ़ाई के प्रति लापरवाह हो चुके स्कूली बच्चों को अब साल में दो बार मूल्यांकन परीक्षा से गुजरना होगा। प्रदेश सरकार प्राथमिक स्कूलों से इसकी शुरुआत करने जा रही है। पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों की अब ब्लॉक और जिला स्तर पर छह महीने में एक बार मूल्यांकन परीक्षा होगी। स्कूल स्तर पर हेड टीचर्स मासिक तौर पर बच्चों का मूल्यांकन करेंगे। हालांकि इसमें छात्रों को पास-फेल नहीं किया जाएगा, लेकिन वे कितने पानी में हैं, इसका पूरा डाटा तैयार होगा।1छह महीने में एक बार होने वाले मूल्यांकन के छात्रों को नंबर नहीं, बल्कि ग्रेड मिलेंगे। ग्रेड से ही छात्र की पूरी हकीकत सामने आ जाएगी। हेड टीचर्स के मासिक मूल्यांकन के ग्रेड भी छमाही मूल्यांकन में जोड़े जाएंगे। इसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग छात्रों की शिक्षा के स्तर का अध्ययन कर विशेषज्ञों से सुधार की योजना तैयार कराएगा। कमजोर छात्रों को मेधावी बनाने के लिए शिक्षक योजना के अनुसार विशेष ध्यान देंगे। प्राथमिक स्कूलों के बाद मिडिल स्कूलों में भी छमाही और मासिक मूल्यांकन परीक्षा शुरू करने की तैयारी है। मौलिक शिक्षा महानिदेशक ने सभी खंड एवं जिला शिक्षा अधिकारियों और हेड टीचर्स को इसकी जानकारी दे दी है। देखने में आया है कि पहली से आठवीं कक्षा तक बोर्ड व अन्य परीक्षाएं खत्म होने के बाद शिक्षक और छात्र पढ़ाई के प्रति गंभीर नहीं रहे हैं। इसका असर दसवीं और बारहवीं कक्षा के परिणाम पर भी पड़ा है। पहले जहां दोनों कक्षाओं का वार्षिक रिजल्ट 70 से 75 प्रतिशत तक रहता था, वह अब पचास से साठ फीसद के बीच पहुंच गया है। फेल न होने के डर से बच्चे पढ़ाई के प्रति संवेदनशील नहीं हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रलय भी इससे वाकिफ है। मंत्रलय का सेंट्रल एडवाइजरी बोर्ड तो नो डिटेंशन पॉलिसी की विफलता को देखते हुए दोबारा से पांचवीं और आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा शुरू करने की सिफारिश तक कर चुका है।

जिला नहीं, मंडल स्तर पर लगाया जाएगा पुस्तक मेला


हिसार(ब्यूरो)। शिक्षा विभाग ने पुस्तक मेले के आयोजन में थोड़ा बदलाव किया है। इस दफा पुस्तक मेला जिला स्तर पर नहीं, बल्कि मंडल स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। पुस्तक मेले में सभी हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों का भाग लेना जरूरी है। विभाग ने पुस्तक मेले का शेड्यूल भी जारी कर दिया है।
यह रहेगा शेड्यूल ः
अंबाला मंडल में 12 और 13 जनवरी को जीएसएसएस पुलिस लाइन अंबाला सिटी में पुस्तक मेला लगेगा। 12 जनवरी को अंबाला, पंचकूला और यमुनानगर और 13 को कुरुक्षेत्र व कैथल जिले के स्कूल मेले में आएंगे। हिसार मंडल में 16 और 17 जनवरी को जीएसएसएस जहाजपुल हिसार में पुस्तक मेले का आयोजन किया जाएगा। 16 जनवरी को हिसार, फतेहाबाद और सिरसा और 17 को जींद व भिवानी जिले के स्कूल मेले का दौरा करेंगे। रोहतक मंडल मेें 20 व 21 जनवरी को जाट सीनियर सेकेंडरी स्कूल रोहतक में पुस्तक मेला लगेगा, जिसमें 20 को करनाल, पानीपत और रोहतक और 21 को सोनीपत और झज्जर जिले के स्कूल मेले में आएंगे। इसके अलावा गुड़गांव मंडल में 28 व 29 जनवरी को डाइट गुड़गांव कैंपस में मेले का आयोजन किया जाएगा। इसमें 28 को फरीदाबाद, पलवल तथा मेवात और 29 को रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और गुड़गांव जिले के स्कूल मेले में पुस्तक खरीदने के लिए आएंगे।

प्रदेश में नए साल में होंगे 40 हजार कर्मचारियों के तबादले

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार नए साल में प्रशासन के निचले स्तर पर भी चेहरे बदलने की तैयारी में है। पहले सप्ताह में ही हजारों कर्मचारियों के तबादलों की सूची जारी करने की संभावना है। सरकार ने लगभग 40 हजार कर्मचारियों के तबादलों का खाका तैयार कर लिया है। इनमें एक ही जगह पर तीन साल से अधिक समय से जमे कर्मचारियों की लिस्ट भी शामिल है। इसके अलावा पूर्व सरकार के चहेते कर्मचारियों पर भी नजर है। नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद कर्मचारियों के तबादलों की सूची जारी कर दी जाएगी। अब तक हरियाणा सरकार ने आईएएस, आईपीएस, एचसीएस और एचपीएस अधिकारियों का तबादला किया है। इस समय प्रदेश में करीब पौने तीन लाख सरकारी कर्मचारी हैं।
मंत्रियों की राय लेकर बनाई सूची ः
कर्मचारियों की तबादला सूची तैयार करने में मंत्रियों की भी राय ली गई है। एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, सरकार ने तृतीय श्रेणी के कर्मचारियाें का तबादला करने के लिए तीन से 19 दिसंबर तक संबंधित विभागाें के प्रभारी को संबंधित मंत्रियों के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए थे। जबकि प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियाें के तबादले के मामले में विभागों के प्रभारी मुख्यमंत्री के समक्ष पेश हुए। विभाग प्रभारियों ने अपने अधीन काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी मंत्रियों और मुख्यमंत्री को दी हैं।
सरकार के पास स्थायी तबादला नीति नहीं ः
सर्व कर्मचारी संघ के महासचिव सुभाष लांबा का कहना है कि तबादलों से कर्मचारियों का राजनीतिकरण हो रहा है। सरकार के पास कोई स्थायी तबादला नीति नहीं है। जो तबादले होेने वाले हैं, वह राजनेताओं के विवेक पर हो रहे हैं। तबादले से पहले कर्मचारियों से उनकी इच्छा पूछी जानी चाहिए।
तीन साल से अधिक समय से एक ही जगह पर जमे कर्मचारियों के नाम शामिल
नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद तबादलों की सूची होगी जारी

Friday, November 28, 2014