Tuesday, April 22, 2014

हिंदी विषय के चयनित पुरुष पीजीटी को जल्द मिल सकता है नियुक्ति पत्र

593 पुरुष उम्मीदवार होने हैं नियुक्त, शिक्षामंत्री से भी मिला प्रतिनिधिमंडल विभाग ने त्रुटि सुधार मुख्य निर्वाचन अधिकारी को फिर भेजी फाइल चंडीगढ़ : हिंदी विषय के चयनित पुरुष पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) को जल्द नियुक्ति की आस बंधने लगी है। सेकेंडरी शिक्षा विभाग ने सोमवार को नियुक्ति की बाट जोह रहे 593 पुरुष उम्मीदवारों की फाइल त्रुटियां सुधारने के बाद फिर से निर्वाचन विभाग को भेज दी। पीजीटी नियुक्ति की फाइल पुराने संदर्भ के साथ ही भेजी गई है, इस पर नया नंबर नहीं लगाया गया है। इसके साथ अतिरिक्त निदेशक प्रशासन एमके आहूजा द्वारा जोड़ दी गई विवादास्पद मामलों की सूची हटा दी गई है। बीते डेढ़ महीने से नियुक्ति के लिए दर-दर ठोकरें खा रहे पीजीटी हिंदी के पुरुष उम्मीदवारों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार सुबह शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल से यहां उनके निवास पर मिला। भुक्कल ने पीजीटी को उचित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए उनके सामने ही सेकेंडरी शिक्षा निदेशक चंद्रशेखर को फोन कर मामला जल्द सुलझाने के निर्देश दिए। शिक्षा मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को शिक्षा निदेशक से मिलने के लिए भी कहा। पीजीटी उम्मीदवार बिना देर किए दोपहर बाद पंचकूला में शिक्षा निदेशक चंद्रशेखर से मिलने पहुंच गए। उन्होंने कहा कि अभी निर्वाचन विभाग की आपत्ति वाली फाइल उन्हें नहीं मिली है। फाइल देखने के बाद ही वह कुछ कह सकेंगे। पीजीटी उम्मीदवारों संजय, संजीव जिंदल व तिलक ने शिक्षा निदेशक को अपनी पूरी व्यथा सुनाते हुए कहा कि वे निर्वाचन विभाग से भेजी गई फाइल का डायरी नंबर लाकर दे देते हैं, आप जल्द उनकी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करें। लेकिन इससे पहले कि पीजीटी उम्मीदवार उन्हें फाइल का डायरी नंबर लाकर देते दो दिन पहले ही लेक्चरर भर्ती का कार्यभार संभाल चुकी अतिरिक्त निदेशक सुमेधा कटारिया के पास उनकी फाइल पहुंच गई। उन्होंने पीजीटी उम्मीदवारों के प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वह उनकी फाइल आज ही दोबारा मंजूरी के लिए निर्वाचन विभाग को भेज रही हैं। इसमें से अन्य मामलों को हटा दिया गया है।

UGC NET December 2013 exam results out

For Result Click here: http://ugcnetonline.in/NET13D.pdf The University Grants Commission (UGC) has declared the results for the National Eligibility Test on Monday. Of the 5,32,043 candidates who appeared for the test, 24,865 candidates qualified. The commission had conducted UGC-NET exam on December 29, 2013. According to a data issued on commission's website "A total of 6,87,874 candidates had registered for the test, of which, 5,32,043 appeared for it. Of the candidates who appeared, 1,20,718 cracked the test to come under the consideration category. Among the consideration category students, 3,749 candidates had become eligible for National Eligibility Test-Junior Research Fellow." This year, more male candidates have cleared the test in general category, 57.5 per cent.

Monday, April 21, 2014

अब हर विद्यार्थी को एक खेल में भाग लेना जरूरी

बच्चों में छिपी प्रतिभा को निखारने के लिए शिक्षा विभाग ने बनाई विशेष रणनीति खेलों में छुपी प्रतिभा को निखारने के लिए शिक्षा विभाग ने विशेष रणनीति बनाई है। राजकीय स्कूलों में खेलों की क्रियाकलापों में सभी विद्यार्थियों की प्रतिभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इसके तहत विद्यार्थी को कम से कम एक खेल में भाग लेना जरूरी होगा। इसी के साथ प्रत्येक विद्यालय द्वारा कम से कम कोई भी दो खेल अपनाए जाएंगे। जिसके लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। शिक्षा विभाग के निदेशक ने इस संदर्भ में सभी जिला शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के पालन नहीं करने वाले स्कूल के पीटी व डीईपी पर कार्रवाई की जाएगी।राजकीय स्कूल में पढऩे वाले अधिकतर विद्यार्थी किसी भी खेल में भाग नहीं लेते हैं। जो खिलाड़ी खेलना चाहता है उसे ही खेल में हिस्सा दिलाया जाता है। इससे बहुत से विद्यार्थियों की खेलों में कोई भागीदारी नहीं होती है। अब राजकीय स्कूल में पढऩे वाले विद्यार्थी को किसी भी एक खेल में भाग लेना जरूरी होगा। वहीं प्रत्येक विद्यालय को कम से कम दो खेलों पर विशेष ध्यान देना जरूरी होगा। पीटी और डीइपी की जिम्मेदारी होगी खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि राजकीय स्कूल में पढऩे वाले विद्यार्थियों को कम से कम एक खेल में भाग लेना जरूरी होगा। इसकी जिम्मेवारी पीटी व डीईपी की जिम्मेवारी होगी। खेलों में भाग लेने वाले विद्यार्थी को सतत् व्यापक मूल्यांकन में अंक मिलेगे। ये हैं खेल क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल, वॉलीबाल, नेटबॉल, बैडमिंटन, बेसबॉल एवं सॉफ्टबॉल, टेनिस, बास्केटबॉल, टेबल टेनिस, हैंडबॉल, कुश्ती, जिम्नास्टिक्स, वेटलिफ्टिंग, तैराकी, जूडो, तीरंदाजी, शतरंज, बॉक्सिंग, कबड्डी, सर्कल कबड्डी, खोखो, एथलेटिक्स, क्वान डो फैन्सिंग आदि हैं। अंक भी दिए जाएंगे खेलों में भाग लेकर जहां विद्यार्थी अपनी पहचान बना सकेंगे। वहीं व्यापक मूल्यांकन में अंक भी दिए जाएंगे। खेल प्रतियोगिता में विद्यालय स्तर पर भाग लेने वाले विद्यार्थी को 4 अंक, ब्लाक स्तर पर 8 अंक, जिला स्तर पर 12 अंक व राज्य स्तर पर 16 अंक दिए जाएंगे।

सीबीएसई के हर नियम की जानकारी पहुंचेगी अभिभावकों तक

सीबीएसई की साइट पर बनाया गया पैरेंट्स कार्नर: सीबीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के परिजनों को बोर्ड की नीतियों की पल-पल की जानकारी होगी। इसके लिए बोर्ड ने अपनी साइट पर पेरेंट्स कार्नर बनाया है। उसमें कोई भी पेरेंट्स साइट को खोकर सीबीएसई के बनाए नियमों और नए निर्देशों को जान सकेंगे। मई माह से यह कार्नर शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि यह योजना सीबीएसई और बच्चों के परिजनों के बीच एक अच्छा संवाद का माध्यम भी बनेगी, क्योंकि बोर्ड की ओर से बनाए गए कार्नर में न सिर्फ बच्चों के परिजन बोर्ड के नियमों और निर्देशों की जानकारी प्राप्त कर सकेगे बल्कि अपने सुझाव भी दे सकें, ताकि अगर कहीं पर किसी तरह की कोई कमी है बोर्ड उसमें सुधार कर सके। जब भी बोर्ड कोई भी नया नियम बनाएगा तो इसी कार्नर पर पेरेंट्स को जानकारी मिलेगी। गत दिनों ऑन लाइन परीक्षा मैटर के मामले में भी बोर्ड ने बच्चों के सुझाव मांगे थे। इसलिए शुरू की गई योजना सीबीएसई के अधिकारी हर शहर में नहीं बैठते। इससे परिजनों को अगर शिकायत करनी है तो उन्हें या तो रिजनल अधिकारी का नंबर या उसका पता निकालना पड़ता है या फिर बोर्ड के अन्य अधिकारियों का इसी तरह से कहीं से फोन नंबर लेकर या पता लेकर शिकायत देनी पड़ती है। अगर नंबर या पता नहीं मिलता तो परिजन शिकायत ही नहीं कर पाते हैं। इससे परिजन भटकते रहते हैं। एक वजह यह भी है कि बच्चों के परिजनों की शिकायत समय पर बोर्ड के अधिकारियों तक पहुंच पाए इस लिए यह योजना शुरू की गई हैं। वहीं सिस्टम में अगर कहीं कोई खामी है तो उसके लिए बच्चों या उनके परिजनों के सुझाव सीधे बोर्ड तक पहुंच सके इसलिए भी यह फैसला लिया गया है। मनमानी पर लगेगी रोक मान लें अगर बच्चों के साथ स्कूल में कुछ गलत हो रहा है या फिर स्कूल बोर्ड के नियमों को पूरा नहीं कर रहे हैं, तो बच्चों के परिजन इसकी सीधी शिकायत पेरेंट्स कार्नर में डाल सकेंगे। इससे एक तो स्कूल संचालकों की मनमानी पर रोक लग सकेगी साथ ही बच्चों की समस्याओं का भी समय पर समाधान हो सकेगा। इससे एजुकेशन क्वालिटी में सुधार होगा।

गलती शिक्षा विभाग की खमियाजा पीजीटी को

यशपाल शर्मा, चंडीगढ: शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लचर कार्यप्रणाली का खमियाजा हिंदी विषय के चयनित पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) पुरुष उम्मीदवारों को भुगतना पड़ रहा है। विभाग की चूक के कारण डेढ़ महीने से 593 पीजीटी इधर-उधर भटक रहे हैं। नियुक्ति की सारी प्रक्रिया सेकेंडरी शिक्षा विभाग के पीजीटी काउंसलिंग हेड द्वारा 85 उम्मीदवारों को डबल स्टेशन आवंटित करने के कारण उलझी है। बीते महीने जब यह चूक हुई तो उप निदेशक सेकेंडरी जयवीर ढांडा ने 5 मार्च को ही शाम तक वेबसाइट पर नियुक्ति पत्र डालने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में मामला चुनाव आचार संहिता के फेर में फंसा दिया गया। सेकेंडरी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक एमके आहुजा की ओर से केंद्रीय चुनाव आयोग व निर्वाचन विभाग को भेजे गए पत्र से पीजीटी की नियुक्ति लंबा खिंचती नजर आ रही है। शिक्षा विभाग ने 593 पीजीटी के साथ कुछ ऐसे मामलों की नियुक्ति की अनुमति भी चुनाव आयोग से मांग ली है जो कोर्ट में विचाराधीन हैं, इसलिए जब तक पीजीटी हिंदी की नियुक्ति की फाइल अलग से नहीं भेजी जाती तब तक इन्हें नियुक्ति के लिए इंतजार करना पड़ेगा। शिक्षा निदेशक सेकेंडरी चंद्रशेखर का कहना है कि नियुक्ति का इंतजार कर रहे चयनित पीजीटी का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला है, जल्द ही उचित कदम उठाया जाएगा। पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति पर रोक नहीं : प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीकांत वालगद ने कहा कि पात्र चयनित पीजीटी हिंदी के पुरुष उम्मीदवारों की नियुक्ति पर कोई आपत्ति नहीं है। शिक्षा विभाग को इनकी ज्वाइनिंग की अनुमति की फाइल अन्य मामलों से अलग भेजनी चाहिए थी। चयनित उम्मीदवार उनसे मिले हैं, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सड़क पर चयनित उम्मीदवार : निजी स्कूलों में सेवाएं दे रहे पीजीटी हिंदी पुरुष उम्मीदवारों को स्कूल संचालकों ने चयन का पता चलते ही नौकरी से कार्य मुक्त कर दिया है। एक जनवरी को परीक्षा परिणाम आने के बाद से ही चयनित उम्मीदवार सड़कों की धूल फांक रहे हैं। बेरोजगार होने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।

Sunday, April 20, 2014

24 अप्रैल तक मूल्यांकन और मई के दूसरे सप्ताह में आएगा रिजल्ट

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी से संबंधित 10वीं और 12वीं के रिजल्ट के लिए अब छात्रों को नहीं करना होगा लंबा इंतजार हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी से संबंधित दसवीं और बारहवीं कक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन अंतिम चरण में है। 24 अप्रैल को मूल्यांकन कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद मई माह के दूसरे सप्ताह तक परिणाम घोषित हो जाएगा। इस बार बिना किसी शिक्षक संगठन के विरोध के शांतिपूवर्क तरीके से उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन हुआ है।

Saturday, April 19, 2014

शिक्षा विभाग ने खेल कैलेंडर किया जारी

राज्यस्तरीय स्पर्धा की मेजबानी करेगा सिरसा खेलों की तरफ रुझान बढऩे के लिए शिक्षा विभाग ने शेड्यूल किया जारी खेलों की तरफ रुझान बढऩे के लिए शिक्षा विभाग ने राज्य स्तरीय खेल गतिविधियों का कैलेंडर जारी किया है। खेल प्रतियोगिताओं में विभिन्न आयु वर्ग में कक्षा छठी से बारहवीं कक्षा के मुकाबले होंगे। इस बार सिरसा जिला राज्य स्तरीय हॉकी व तीरंदाजी की मेजबानी करेगा। राज्य स्तरीय स्पर्धा जुलाई से शुरू होगी। कब और कहां होगी खेलकूद प्रतियोगिता सिरसा में 21 नवंबर से 24 नवंबर तक शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में लड़कियों की 14, 17, 19 आयु वर्ग में हॉकी, लड़के लड़कियों की 14,17, 19 आयु वर्ग में तीरंदाजी प्रतियोगिता होगी। फतेहाबाद में 7 जुलाई से 8 जुलाई तक अंडर 14 व 17 आयु वर्ग लड़के, अंडर 17 में लड़कियों के दो दिवसीय फुटबॉल प्रतियोगिता, कुरुक्षेत्र के शाहबाद में 1 अगस्त से तीन दिवसीय अंडर 17 लड़के व लड़कियों, अंडर 15 लड़कों की हॉकी प्रतियोगिता होगी। हिसार में 19 अगस्त से 22 अगस्त तक चार दिवसीय लड़कों के अंडर 14, 17 व 19 आयु वर्ग में बॉक्सिंग, एथलेटिक्स व फुटबॉल प्रतियोगिता होगी।भिवानी में 19 अगस्त से 22 अगस्त तक चार दिवसीय लड़कों की अंडर 14, 17 व 19 आयु वर्ग में कुश्ती, वालीबॉल, व लड़कियों की शतरंज प्रतियोगिता होगी। गुडगांव में 4 अगस्त से 7 अगस्त तक लड़के व लड़कियों की अंडर 14, 17 व 19 आयु वर्ग की तैराकी, डाइविंग, वाटरपोलो, टेबल टेनिस प्रतियोगिता।करन ाल में 25 अगस्त से 28 अगस्त तक लड़के व लड़कियों की अंडर 14, 17 व 19 आयु वर्ग में थ्रो बॉल व योगा प्रतियोगिता होगी। रोहतक में 27 अगस्त से 30 अगस्त तक लड़के व लड़कियों की अंडर 11, 14, 17 व 19 आयु वर्ग में स्केटिंग, लड़कियों की 19 आयु वर्ग में कुश्ती, लड़के व लड़कियों की अंडर 14, 17 व 19 आयु वर्ग में बास्टकेटबॉल प्रतियोगिता होगी। जींद में 23 अगस्त से 26 अगस्त तक लड़के, लड़कियों की अंडर 14, 17 व 19 आयु वर्ग में कबड्डी, अंडर 14, 17, 19 में साफ्टबॉल प्रतियोगिता होगी।सोनीपत में 27 अगस्त से 30 अगस्त तक लड़कों की अंडर 14, 17, 19 आयु वर्ग में हॉकी, अंडर 19 में लड़कियों की सर्कल कबड्डी, लड़के लड़कियों की अंडर 14, 17, 19 आयु वर्ग में लॉन टेनिस प्रतियोगिता होगी।कैथल में 27 अगस्त से 30 अगस्त तक अंडर 14, 17, 19 आयु वर्ग में लड़के लड़कियों की खोखो व बेसबाल प्रतियोगिता होगी। अंबाला में 27 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक 14, 17, 19 आयु वर्ग में लड़के लड़कियों की जिम्नास्टिक, बैडमिंटन, लड़कियों की साफ्टबॉल प्रतियोगिता होगी। कुरुक्षेत्र में 27 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक 14, 17, 19 आयु वर्ग में लड़कियों की हैंडबॉल, 14, 17, 19 आयु वर्ग में लड़के लड़कियों की साइकलिंग व राइफल सूटिंग प्रतियोगिता होगी। पंचकूला में 10 नवंबर से 13 नवंबर तक लड़कियों की 19 आयु वर्ग में क्रिकेट, 14, 17, 19 आयु वर्ग में एथलेटिक्स, 14, 17, 19 आयु वर्ग में लड़के लड़कियों की चॉय क्वान डो, फैन्सिंग प्रतियोगिता होगी। युमनानगर में 10 नवंबर से 13 नवंबर तक 14, 17, 19 आयु वर्ग में लड़के लड़कियों की नेटबॉल, वेट लिफ्टिंग, लड़कियों की फुटबॉल प्रतियोगिता होगी। पानीपत में 17 से 20 नवंबर तक लड़कों की 19 आयु वर्ग में क्रिकेट व सर्कल कबड्डी, 14, 17, 19 आयु वर्ग में हैंडबॉल होगी।

Thursday, April 17, 2014

मिडिल हेड को जल्द मिलेगी डीडी पॉवर

हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष फ्रांसवाला ने कहा कि मिडिल हेड को जल्द डीडी पावर मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र मिडिल स्कूलों में कार्यरत मौलिक स्कूल मुख्याध्यापकों की लंबे समय से मांग थी। स्कूल शिक्षा विभाग की अध्यक्ष सचिव सुरीना राजन ने आहरण वितरण अधिकार देने व सभी मौलिक स्कूल मुख्याध्यापकों की भूमिका व दायित्व निर्धारण करने की फाइल को स्वीकृति दे दी है। विभाग के अधिकारियों को इस बारे में पत्र जारी करने के लिए आदेश दिए हैं। यह जानकारी स्वयं विभाग की अध्यक्ष सचिव सुरीना राजन ने हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल को हिसार में हुई बैठक में दी। एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष जगदीश ढुल ने कहा कि हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के तर्कों के आधार पर सभी मिडिल स्कूलों के 5548 मुख्याध्यापकों को डीडीओ घोषित करने का मामला वित्त विभाग को भेजा गया है। पांच सितंबर 2013 को वित्त विभाग द्वारा इस फाइल का अनुमोदन कर दिया था। शिक्षक नेता कपूर सिंह व जिला कोषाध्यक्ष अमित ने बताया क 19 सितंबर 2013 को शिक्षा मंत्री व विभाग के आला अधिकारियों के साथ हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल के साथ हुई बातचीत में निर्णय लिया गया कि एक सप्ताह के अंदर सभी मौलिक स्कूल मुख्याध्यापकों को डीडी पॉवर दे दी जाएगी। लेकिन लंबे संघर्ष के बाद अब जाकर विभाग की अनुमति मिली है। इस बारे में उन्होंने विभाग की वितायुक्त सुरीना राजन को एक पत्र भी सौंपा है। मंजूरी के लिए वित्त विभाग को भेजा मामला

Wednesday, April 16, 2014

सरकारी स्कूलों में खत्म होगा शिक्षकों का एसीआर सिस्टम अब शिक्षकों का प्रमोशन विद्यार्थियों की तरक्की पर: अंबाला कैंट। अब सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की प्रोमोशन छात्रों की तरक्की पर अधारित रहेगी। जैसे-जैसे शिक्षक के बच्चों की शैक्षणिक योग्यता बढ़ती जाएगी, वैसे-वैसे शिक्षक की तरक्की व वेतन वृद्धि होती जाएगी। क्योंकि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की तरक्की के सिस्टम को शिक्षा विभाग अब पूरी तरह से कारपोरेट की तर्ज पर बदलने वाला है। इसका खाका तैयार कर लिया गया है, जल्द ही सभी शिक्षकों को नए तरीकों से अवगत करा दिया जाएगा। नए तरीके के तहत स्कूलों में अब एसीआर यानी एनुअल कांफिडेंशियल रिपोर्ट सिस्टम खत्म हो जाएगा। अभी तक इसी तरीके से स्कूलों में शिक्षकों की तरक्की व वेतनवृद्धि होती है। ये एसीआर शिक्षक व गैर शिक्षक कर्मचारी का सीनियर ही लिखता था और उसी के आधार पर शिक्षक व गैर शिक्षक स्टाफ को तरक्की मिलती थी। अब ये सिस्टम शिक्षा विभाग से लगभग खत्म कर दिया जाएगा। हर कार्य का आंकलन होगा ः स्कूलों में शिक्षक एनुअल कांफिडेंशियल रिपोर्ट के बजाय सेल्फ अपरेजल रिपोर्ट भरेंगेे। सेल्फ अपरेज़ल रिपोर्ट भरने का तरीका एसीआर से बिल्कुल अलग रहेगा। इसमें शिक्षकों को जॉब प्रोफाइल का एक प्रोफॉर्मा दिया जाएगा। जो सौ अंकों का होगा। हर कॉलम के हिसाब से शिक्षक को ये बताना होगा कि उसने खुद का पूरे साल में क्या आंकलन किया है? उसने बच्चों को क्या पढ़ाया है, उसके पढ़ाए बच्चों का कितना बौद्धिक व शैक्षणिक विकास हुआ, विषय का ज्ञान बच्चों को कितना क्लीयर हुआ, बच्चों के परीक्षाओं में अंक कितने हैं? इत्यादि। अधिकतर ऐसे कॉलम हैं, जो पूरी तरह से छात्रों की प्रोग्रेस पर ही केंद्रित है। इसके पचास अंक शिक्षकों को मिलेंगे। अपनी रिपोर्ट में बच्चों की प्रोग्रेस रिपोर्ट भरकर शिक्षक अपने प्राचार्य को सौंपेगा और प्राचार्य उनके द्वारा भरी जानकारियाें को क्रॉस चेक करके उस सेल्फ अपरेज़ल रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए वो रिपोर्ट निदेशालय को भेज देगा। उसके बाद शिक्षकों को चार कैटेगरी में रखा जाएगा। सबसे कम कैटेगरी होगा ‘औसत से भी कम’। यदि शिक्षक की सेल्फ अपरेशल रिपोर्ट ‘औसत से भी कम’ कैटेगरी में रही, तो उसे तरक्की देना तो दूर हर साल सितंबर से स्पष्टीकरण नोटिस जारी होगा और जवाब संतोषजनक न होने पर नवंबर तक उस शिक्षक को चार्जशीट दे दी जाएगी। बहरहाल, अब शिक्षकों की तरक्की छात्रों की प्रोग्रेस रिपोर्ट पर टिकी रहेगी। छह जुलाई को रिपोर्ट भरेंगे शिक्षक हर साल 6 जुलाई को शिक्षक सेल्फ अपरेजल रिपोर्ट अपने-अपने स्कूलों में भरेंगे। हरियाणा शिक्षा विभाग ने हर साल इस दिन को शिक्षकों के लिए ‘आत्म आंकलन दिवस’ घोषित करने का फैसला लिया है। इसी दिन सभी शिक्षक अपना आत्म आंकलन करते हुए सेल्फ अपरेजल रिपोर्ट भरेंगे और अपने सीनियर को जमा करवाएंगें। इसमें शिक्षक अपने पूरे साल की शिक्षा के अतिरिक्त अन्य गतिविधियों में भी अपनी सहभागिता के बारे में अपनी रिपोर्ट भरेगा। संतोषजनक कार्य न मिलने पर चार्जशीट भी किया जा सकता है अब शिक्षक हर साल भरेंगे ‘सेल्फ अपरेजल’ रिपोर्ट रिपोर्ट में 50 प्वाइंट केवल छात्रों की प्रोग्रेस पर ही आधारित होंगे इसके लिए हर साल 6 जुलाई को मनाया जाएगा आत्म आकलन दिवस शिक्षा विभाग की ओर से यह नई कोशिश है। जिसे लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। अब एसीआर की जगह शिक्षक अपनी सेल्फ अपरेजल रिपोर्ट भरेंगे, जो बच्चों की प्रोग्रेस पर ही अधारित है। बच्चों की शैक्षणिक तरक्की होती रहेगी, तो उन्हें पढ़ाने वाला शिक्षक भी तरक्की पाता रहेगा। इसके लिए पूरा प्रोफॉर्मा तैयार किया गया है। -सुरीना राजन, प्रधान सचिव एवं वित्तायुक्त, शिक्षा विभाग हरियाणा

Monday, April 14, 2014

सरकारी कॉलेजों में ऑनलाइन होंगे दाखिले

सरकारी कॉलेजों में ऑनलाइन होंगे दाखिले, मोबाइल-पीसी से हो सकेगा आवेदन: हिसार।सरकारी कॉलेजों में नए सत्र से ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विद्यार्थियों को आवेदन फार्म लेने और जमा करवाने के लिए कॉलेजों के बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इच्छुक छात्र घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।आवेदन मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम सेकिया जा सकेगा।उच्चतर शिक्षा हरियाणा ने योजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारी शुरू कर दी है। उच्चतर शिक्षा हरियाणा के तहत प्रदेश के 90 राजकीय महाविद्यालयों में दाखिले के लिए विद्यार्थी इंटरनेट के माध्यम से घर से ही आवेदन कर सकते हैं।इस योजना के तहत उन्हें ऑनलाइन आवेदन कर उसकी एक प्रिंट कॉपी अपने पास रखनी होगी।जिसे यदि जरूरत पड़ी तो दाखिले के समय दिखाना पड़ सकता है।पहली बार योजना केवल प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए ही शुरू की जाएगी।इसके तहत स्नातक प्रथम वर्ष और स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी ही ऑन लाइन आवेदन कर सकेंगे। हरियाणा के तहत हिसार में प्रदेश के पांच जिलों के कॉलेज प्राचार्यों, कंप्यूटर ऑपरेटर और शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण शिविर के कॉर्डिनेटर रामप्रताप ने बताया कि प्रशिक्षण 29 मई से 1जून तक दिया गया।एक कॉलेज से 3 से 5 सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद अक्टूबर में भी ऑनलाइन आवेदन के लिए प्राचार्यों की बैठक हो चुकी है। पिछले साल भी उच्चतर शिक्षा हरियाणा सरकारी कॉलेजों में ऑनलाइन दाखिला करवाने के लिए प्रयासरत थी, लेकिन तकनीकी खराबी व अन्य कारणों से योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। इस योजना को शुरू करने के लिए इस साल विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। जिसको लेकर कॉलेजों ने भी अपनी कंप्यूटर लैब दुरुस्त कर ली है। सरकारी कॉलेज में पहले प्रोस्पेक्टस की जो फीस होती थी।उसको लेकर अभी कॉलेज स्तर पर असमंजस है कि आवेदक से शुल्क पहले पेमेंट गेटवे के माध्यम से ली जानी थी, लेकिन अब किस प्रकार ऑनलाइन भरवाई जाएगी। इस बारे में उच्चतर शिक्षा हरियाणा के आदेश नहीं आए हैं। यह होगा फायदा पहले विद्यार्थी को आवेदन के लिए प्रोस्पेक्टस खरीदने के लिए कॉलेज आना पड़ता था। लाइन में लगकर प्रोस्पेक्टस खरीदते।इसके बाद फार्म भरकर जमा करवाने के लिए फिर से लाइन में लगना पड़ता था।अब वे घर बैठे मोबाइल, कम्प्यूटर या नजदीकी कंप्यूटर सेंटर से आवेदन कर सकेंगे। किसी भी जिले से किसी भी कॉलेज का कर सकेंगे आवेदन प्रशिक्षण शिविर कॉर्डिनेटर रामप्रताप ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन योजना पूरे प्रदेश के 90 राजकीय विद्यालयों में शुरु होने जा रही है।इससे नियमानुसार विद्यार्थी किसी भी यूनिवर्सिटी के अंतर्गत आने वाले किसी भी राजकीय कालेज में आवेदन कर सकेगा। एक विद्यार्थी एक से अधिक राजकीय कालेजों में भी आवेदन कर सकेगा।वह उच्चतर शिक्षा हरियाणा की साइट पर दिए कॉलेज लिंक पर जाकर या सीधे कालेज की वेब साइट पर जाकर भी आवेदन कर सकेगा।

Monday, March 31, 2014

Sunday, March 23, 2014

HBSE- दसवीं तथा बारहवीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्याकन 31 से:

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की प्रवक्ता ने बताया कि सैकेंडरी और सीनियर सेकैंडरी की परीक्षाएं मार्च 2014 की उत्तर पुस्तिकाओं का आकलन का कार्य अब 25 मार्च के स्थान पर 31 मार्च से प्रारभ होगा। गौरतलब है कि दैनिक जागरण द्वारा टीजीटी अध्यापक पशोपेश में शीर्षक से समाचार रविवार के अंक में प्रकाशित करने के बाद बोर्ड ने अपना उत्तर पुस्तिका जाचने का कार्यक्रम बदल दिया है। बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि सैकेंडरी का आकलन का कार्य 25 मार्च ओर सीनियर सैकेंडरी के आकंलन का कार्य 27 मार्च को प्रारभ होना था, इससे बदल कर अब 31 मार्च से कर दिया गया है।

Saturday, March 22, 2014

केंद्रीय विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा की अधिसूचना जारी

हिसार : हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में जुलाई 2014 से प्रारंभ होने वाले शैक्षिक सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इसमें हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के अलावा जम्मू, झारखंड, कश्मीर, केरल, राजस्थान तथा तमिलनाडु इत्यादि केंद्रीय विश्वविद्यालय शामिल है। इस परीक्षा के संयोजन का दायित्व केंद्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान को सौंपा गया है। परीक्षा से संबंधित समस्त विवरण डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.सीयूसीईटी2014.को.इन पर ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए हैं। विभिन्न पाठ्यक्रमों, सीटों की संख्या एवं पात्रता संबंधी जानकारी हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। इस समय हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में कुल 12 विभाग कार्यरत हैं। आगामी सत्र 2014-15 से 8 नए विभाग प्रारंभ किए जा रहे हैं। इनमें इतिहास, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, पुस्तकालय व सूचना विज्ञान, पत्रकारिता एवं जनसंचार, गणित, पर्यावरण विज्ञान तथा भूगोल शामिल हैं।

700 पीजीटी का भविष्य चुनाव आयोग तय करेगा

चंडीगढ़ : हरियाणा में हिंदी के 700 पीजीटी पुरुष अध्यापकों की नियुक्ति का फैसला नेशनल इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया करेगा। शिक्षा विभाग ने मामला हरियाणा के मुख्य चुनाव आयुक्त को भेज दिया है। हरियाणा के चुनाव अधिकारी ने मसले को केंद्रीय चुनाव आयोग के पास भेज दिया है। राज्य में करीब 700 ऐसे प्रध्यापक हैं जिन्हें नियुक्ति का इंतजार है। इस संदर्भ में पांच मार्च को काउंसलिंग हुई थी, लेकिन आदर्श आचार संहिता के लागू हो जाने के कारण इन प्राध्यापकों की नियुक्ति का मसला लटक गया था। सभी को स्टशेन अलॉट कर दिए गए हैं, लेकिन नियुक्ति पत्र अभी तक नहीं मिला है। जिसके कारण करीब 15 दिन से यह प्राध्यापकनियुक्ति के इंतजार में हैं। हरियाणा में करीब 1800 पोस्ट के लिए यह काउंसलिंग हुई थी। जिन प्राध्यापकों की काउंसलिंग पहले हुई उन्हें नियुक्ति पत्र मिल गया। लेकिन जिनकी बाद में हुई उन्हें पत्र जारी नहीं हो सका। शिक्षा विभाग का तर्क है कि जब तक आचार संहिता लगी है तब तक बिना चुनाव आयोग की अनुमति के इन्हें ज्वाइन नहीं करवाया जा सकता है। लिहाजा शिक्षा विभाग ने फाइल अनुमति के लिए भेज दी है।