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Thursday, April 5, 2012

अब स्कूलों में दिखेगा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

हिसार : थोड़ी सी बारिश और स्कूल परिसर में चहुं ओर जलभराव। नौनिहालों से लेकर शिक्षक व अन्य शिक्षाकर्मी बेहाल। आम तौर पर यही दृश्य बरसात के दिनों में दिखाई देता है। पर यह आलम अब शायद ही दिखाई दे। सर्वशिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय के प्रयासों के बाद पहली बार स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अर्थात बरसाती जल संचयन व्यवस्था को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। स्कूलों में बारिश के पानी को संचित कर उसे विविध उपयोग में लाया जाएगा। वर्षा जल संचय की यह व्यवस्था प्रदेश के 510 स्कूलों में प्रदान की जाएगी। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए प्रति स्कूल दो लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। सर्वशिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक पंकज यादव के मुताबिक मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय व राज्य के उच्चाधिकारियों के साथ हुई बैठक में इसे स्वीकृति दे दी गई है। उन्होंने बताया कि स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बहुआयामी बनाया जाएगा।
ऐसे होगी बहुआयामी व्यवस्था :
सर्वशिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक पंकज यादव के अनुसार स्कूलों में रेन वाटर सिस्टम से संचित पानी कापहला उपयोग शौचालय के लिए होगा। उन्होंने बताया कि मिड डे मील से जुड़े किचन गार्डेनिंग में भी बारिश का संचित पानी लाया जा सकेगा। वह बताते हैं कि स्कूलों में जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की उपयोगिता खासकर उन क्षेत्रोंमें अधिक है जहां पानी की ज्यादा समस्या रहती है। यूं संचित होगा पानी : पहले चरण में एक गड्ढा खोदकर ढांचा तैयार किया जाएगा। फिर पाइप के माध्यम से सभी छतों के साथ जोड़ा जाएगा। कच्चे गढ्ड़े को फिर पक्का किया जाएगा। बताया गया है कि तीन चरणों में पक्का किया जाएगा। व्यवस्था यह भी होगी कि पानी में घुली धूल भी छन जाएगी। फिर उस पानी का इस्तेमाल होगा।