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Thursday, April 5, 2012

दाखिला टेस्ट पर कसेगा शिकंजा

पानीपत: निजी स्कूलों में दाखिला टेस्ट पर अब शिकंजा कसेगा। अभिभावकों से दाखिला टेस्ट की शिकायत मिली तो शिक्षा महकमा स्कूल संचालक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा। आधुनिक शिक्षा के नाम पर अभिभावकों से मोटी फीस वसूलने वाले निजी स्कूलों में दाखिले का दौर जारी है। हालांकि नए शिक्षण सत्र 2012-13 शुरू होने से पहले ही ज्यादातर निजी स्कूलों में 70-80 फीसद तक एडमिशन हो चुके हैं। शेष 20 फीसद सीटों पर दाखिले के नए नियम लागू कर अभिभावकों को बेवजह परेशान करने पर तुले हैं। शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) 2009में पहली से आठवीं कक्षा में दाखिले के वक्त किसी तरह की प्रवेश परीक्षा आयोजित न करने के मानदंड तय किए गए हैं। बच्चों को कक्षा में फेल किए बिना ही अगली कक्षा में प्रमोट करना है, लेकिन निजी स्कूल नियमों को ताक पर रखकर बच्चों का टेस्ट ले रहे हैं।
नए सत्र से पहले दाखिला :
शिक्षा निदेशालय के मुताबिक सरकारी व निजी स्कूलों में नया शिक्षण सत्र 1 अप्रैल से लागू होता है। लेकिन दर्जनों निजी स्कूल में अप्रैल माह शुरू होने से पहले ही कक्षा एक से आठ तक की ज्यादातर सीटों पर दाखिला हो चुका है। शिक्षा विभाग की सूत्रों की मानें तो यह निदेशालय के नियमों की घोर अवहेलना है। शिक्षा विभाग को बच्चों को फेल करने की भी शिकायत मिली है। कक्षा में बच्चों को फेल करने पर अभिभावक परेशान हैं। अभिभावक दलील दे रहे हैं कि फीस माफी की आड़ में उन्हें तंग किया जा रहा है।