Pages

Wednesday, June 27, 2012

अधूरी फाइल से लगे मिडिल हेड प्रमोशन केस पर ब्रेक

मिडिल हेड पदों के लिए मांगे गए प्रमोशन केस की स्क्रूटनी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। प्रमोशन के 40-50 फीसद केसोंकी फाइल अधूरी मिली है। सैकड़ों केस के सर्विस रिकार्ड भी पूरे नहीं हैं। स्क्रूटनी टीम ने ऐसे केसों की सूची तैयार कर निदेशालय के आला अधिकारियों को सौंप दी है। अधूरी फाइल जमा कराने वाले शिक्षकों की पदोन्नति का मसला अधर में लटक जाएगा। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने मिडिल हेड पदों पर पदोन्नति के लिए बीते दिनों केस मांगे थे। केस की स्क्रूटनी के लिए प्रत्येक जिले से पांच सदस्यीय कमेटी गठित करने के फरमान जारी किए गए। पांच पांच जिलों की कमेटी ने निर्धारित तिथि पर निदेशालय पहुंच कर प्रमोशन केसों की बारीकी से जांच की। निदेशालय में 15-16जून से शुरू हुआ स्क्रूटनी का सिलसिला बीते 23 जून को पूरा कर लिया गया। विभिन्न जिलों की कमेटियों ने प्रमोशन के लिए योग्य पाए गए शिक्षकों की सूची आला अधिकारियों को सौंप दी। मालूम हो कि मौलिक शिक्षानिदेशालय ने बीते दिनों प्रदेश भर में मिडिल हेड के 5548 पदों पर नियुक्ति के लिए प्रमोशन के केस मांगे थे। स्क्रूटनी टीम में शामिल अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न जिलों से भेजे गए मिडिल हेड के प्रमोशन केस की फाइल कंप्लीट नहीं हैं। मास्टरों की पर्सनल फाइल सबसे ज्यादा अधूरी मिली है। प्रमोशन केस के साथ जमा कराए गए सर्विस रिकार्ड भी पूरे नहीं हैं। फाइल में शिक्षकों के एसीआर व ग्रेड का आधार भी स्पष्ट नहीं है। स्नातक में 50 फीसद से कम अंक हासिल करनेवाले शिक्षक भी पदोन्नति की चाह में फाइल जमा कराने से परहेज नहीं किए। मौलिक शिक्षा निदेशालय के आला अधिकारी का कहना है कि मिडिल हेड प्रमोशन के लिए जमा कराए गए केसों में से आधे से अधिक अधूरे हैं। मास्टरों को मिडिल हेड पद पर प्रमोशन के लिए फाइल पूरी तरह से कंप्लीटकर भेजने के निर्देश दिए गए थे। स्क्रूटनी टीम की रिपोर्ट के आधार योग्य शिक्षकों को ही प्रमोशन मिल सकेगा।