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Wednesday, July 18, 2012

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने प्रदेश के हजारों डीएड छात्र शिक्षकों को राहत दे दी है। बोर्ड के नए फैसले के अनुसार महिला डीएड छात्र शिक्षिकाओं को उनके संबंधित ब्लाक और पुरुष डीएड छात्र शिक्षकों को उनके जिलों में ही इंटर्नशिप के लिए स्टेशन देने का फैसला किया है। इस संबंध में मंगलवार को शिक्षा बोर्ड के सचिव डी के बेहरा की अध्यक्षता में अधिकारियों कीएक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अधिकारियों ने फैसला किया है कि इंटर्नशिप के लिए नए मापदंड निर्धारित किए जाएं। इसके तहत महिला डीएड छात्र शिक्षिका को उसके ऐच्छिक ब्लाक से बाहर नहीं भेजा जाएगा। इसी तरह पुरुष डीएड छात्र शिक्षक को उसके जिले सेबाहर नहीं भेजा जाए। इस फैसलेके बारे में शिक्षा बोर्ड के सचिव डी के बेहरा ने पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि यह फैसला छात्रों की भलाई के लिएलिया गया है, ताकि उन्हे परेशानी का सामना न करना पड़ा। गौरतलब है कि मार्च 2012 मेंप्रदेश के 19 हजार 543 विद्यार्थियों ने परीक्षा दीथी। इस परीक्षा में 18 हजार 843 पास हुए थे। इनमें 13 हजार 366 छात्राओं ने परीक्षा दी थी। इनमें से 13 हजार 7 पास हुई हैं। इनका पासप्रतिशत 97.71 रहा है, जबकि 6177 छात्रों ने परीक्षा दी थी। इनमें से 5 हजार 783 ही पास हो पाए थे। छात्रों का पास प्रतिशत 93.62 रहा था। शिक्षा बोर्ड के नए फैसले से करीब 19 हजार छात्र छात्राओंको राहत मिलेगी। क्योंकि बोर्ड ने पूर्व के फैसले के मुताबिक डीएड छात्रों को इंटर्नशिप के लिए दूसरे जिलों में स्टेशन अलाट कर दिएगए थे। इस कारण एसएफआई व दूसरे संगठनों ने शिक्षा बोर्ड मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन भी किए थे। आखिर उनका संघर्ष काम आया और बोर्ड प्रशासन ने अपने फैसले में बदलाव कर दिया है।