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Wednesday, August 1, 2012

पीजीटी भर्ती में अनुभव पर उठे सवाल कुरुक्षेत्र. प्रदेश के अध्यापक भर्ती बोर्ड की ओर से निकाली गई पीजीटी शिक्षकों की भर्ती निकलने के बाद से ही विवादों के घेरे में रही है। कभी शिक्षकों की योग्यता पर सवाल उठे तो कभी गुड एकेडमिक रिकार्ड और चार साल के शिक्षणअनुभव को छूट देने पर। सोमवार को इस मामले में एक और नया पन्ना जुड़ गया है नौंवी व 10वीं कक्षा को पढ़ाने वाले शिक्षकों के अनुभव को भीचार साल की अनुभव श्रेणी में शामिल करने का। इस मामले को लेकर प्राइवेट स्कूलों में नौंवी व 10वीं कक्षा को पढ़ा रहे शिक्षकों ने थ्री टायर सिस्टम को आधार बनाकर आवाज उठाई है। इतना ही नहीं शिक्षकों ने इस मामले को लेकरसीनियर सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय, अध्यापक भर्ती बोर्ड और सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को पत्र लिखकर भी अपनीमांग बताई है। थ्री टायर सिस्टम अभी लागू नहीं : जिला शिक्षा अधिकारी सुदेश मदान ने बताया कि थ्री टायर सिस्टम अभी लागू नहीं हुआ है। इसका प्रपोजल सरकार ने बनाया हुआ है। उन्होंने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि नई पीजीटी भर्ती के शिक्षकों को थ्री टायर सिस्टम के हिसाब से ही पढ़ानाहोगा। पढ़ानी है नौंवी व 10वीं की कक्षाएं प्राइवेट स्कूलों में नौंवी व 10वीं कक्षा को पढ़ाने वाले शिक्षक अमित, सुमित, पवन,विनोद और संजीव ने बताया कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में थ्री टायर सिस्टम को लागू करने का प्रपोजल रख दिया है। इसके तहतपीजीटी शिक्षक अब केवल 11वींव 12वीं कक्षा को नहीं बल्कि नौंवी से लेकर 12वीं कक्षा तक को पढ़ाएंगे। ऐसे में नौंवी व 10वीं कक्षा को पढ़ाने के लिए लगने वाले पीजीटी शिक्षकों के अनुभव में उन्हें भी शामिल किया जाना चाहिए। शिक्षकों ने यह भी सवाल उठाया कि अगर बोर्ड यह कहता है कि इसमें 11वीं व 12वीं के शिक्षक ही पात्र हैं तो फिर उनके पास नौंवी व 10वीं कक्षा को पढ़ाने का अनुभव नहीं है। ऐसे में अध्यापक भर्ती बोर्ड को शुद्धिपत्र जारी करके नौंवी से 12वीं कक्षा तक के शिक्षण अनुभव को योग्य मानना चाहिए। ताकि शिक्षकों के साथ अन्याय ना हो।