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Friday, October 18, 2013

CBSE-Use of Animation in Schools

चुटकियों में हल होंगी मुश्किलें
•अमर उजाला ब्यूरो
जगाधरी। विद्यार्थी अब एनिमेशन के जरिये मुश्किल से मुश्किल टॉपिक की बारीकियां आसानी से जान सकेंगे। सीबीएसई की इस अनूठी पहल से विद्यार्थियों को इसका सबसे ज्यादा फायदा पढ़ाई में होगा। सीबीएसई के अधिकारियों का कहना है कि एनिमेशन से जहां विषय को समझने में ज्यादा मदद मिलेगी, वहीं उनके दिमाग में एनिमेशन की स्मृतियां लंबे समय तक रह सकेंगी। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिहाज से बोर्ड ने पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए 1500 और नौवीं व दसवीं के विद्यार्थियों के लिए 3000 एनिमेशन उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। सीबीएसई स्कूलों में फिलहाल विद्यार्थियों को ब्लैक बोर्ड या फिर पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन (पीपीटी) के जरिये पढ़ाया जा रहा है। अकसर देखा जाता है कि कक्षा में तो विद्यार्थियों को कठिन टॉपिक समझ में आ जाते हैं, लेकिन कुछ समय के बाद वे उन्हें भूल जाते हैं। यही वजह है कि उन्हें दोबारा समझने के लिए ट्यूशन का सहारा लेना पड़ता है। इसमें विद्यार्थियों का समय व पैसा दोनों बर्बाद होते हैं। इसे देखते हुए सीबीएसई ने यह कदम उठाया है।
शिक्षकों ने बताया सराहनीय, सीबीएसई का शेड्यूल तैयार, शिक्षकों को दी जाएगी ट्रेनिंग पहली से दसवीं तक के विद्यार्थियों के विषयों से जुड़े मुश्किल टॉपिक्स को एनिमेशन से समझाने का निर्णय लिया गया है। मुश्किल टॉपिक्स से जुड़े एनिमेशन स्कूलों को प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए बाकायदा शिक्षकों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। -आरजे खांडेराव, क्षेत्रीय अधिकारी, सीबीएसई, पंचकूला जोन।
एनिमेशन के जरिये विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए बाकायदा टीचर्स को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाते समय उन्हेें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पडे़। सीबीएसई ने नौवीं के लिए 80 घंटे और सातवीं व आठवीं के लिए 40 घंटे का शेड्यूल तैयार किया है, वहीं सरस्वती पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल दीपक सिंगला का कहना है कि सीबीएसई की यह सराहनीय पहल है। इस योजना से विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों को भी फायदा मिलेगा। अब मुश्किल टॉपिक्स को समझाने में ज्यादा परेशानियों का सामना नहीं करना पडे़गा। इसके लिए शिक्षकों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी।