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Thursday, February 27, 2014

तीन साल की सेवा पूरी कर चुके कच्चे कर्मी होंगे पक्के

लंबे गतिरोध के बाद आखिरकार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का रास्ता साफ हो गया है। बुधवार को देर रात तक चली कर्मचारी तालमेल कमेटी तथा मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में इस पर सहमति बन गई है। सरकार ने तय किया है कि 28 फरवरी 2013 तक तीन साल की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को पक्का किया जाएगा। इसके अलावा कई दूसरी महत्वपूर्ण मांगों पर भी सहमति बनी है। कर्मचारियों ने इस पर खुशी जताते हुई आंदोलन की जीत करार दिया है, तो सरकार चुनावी वर्ष में तोहफों की रेवडी बंाटने में कामयाब रही है। सरकार की इस नीति से प्रदेश भर में हजारों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि लंबे समय से प्रदेश के हजारों कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इस अवधि में कई बार हड़ताल कर चुके हैं, तो आंदोलन को तेज करने के लिए बीच-बीच में उनकी जोरआजमाइश चली है। लेकिन आखिरकार उनकी जीत हुई और सरकार ने कर्मचारियों की कई महत्वपूर्ण मांगों को स्वीकार कर लिया है। सीएम भूपेंद्र सिहं हुड्डा के साथ चली देर रात तक की बैठक में सैद्धांतिक रूप से 28 फरवरी 2013 तक तीन साल की सेवा पूरी कर चुके कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की बड़ी मांग पूरी हो गई है। तय कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को सरकार व हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी के बीच सचिवालय में दो दौर की वार्ता हुई। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हु्ड्डा सहित प्रदेश के आला अधिकारी इसमें शामिल रहे। पहले दौर की वार्ता दोपहर बाद साढ़े तीन बजे शुरू हुई, लेकिन यह वार्ता एक बार साढ़े पांच बजे टूट गई। इसके बाद सरकार ने अंतिम फैसला कमेटी पर छोड़ दिया, लेकिन कुछ मांगें पूरी न किए जाने से गतिरोध बरकरार था। ऐसे में कर्मचारी तालमेल कमेटी से बात बिगड़ते उप प्रधान सचिव आरएस दून ने मध्यस्थता की और कर्मचारी नेताओं को दूसरे दौर की वार्ता के लिए बुलाया। इन मांगों पर बनी सहमति : सरकार ने तय किया है कि 28 फरवरी 2013 तक ३ वर्ष की सेवा पूरी कर चुके सभी पार्ट टाइम, डेली वेजिज, अनुबंध, तदर्थ, वर्कचार्ज आधार पर लगे कर्मचारियों को पंजाब सरकार की नियमितीकरण नीति के तहत पक्का किया जाएगा। इसमें 1993 से लेकर 2003 तक हरियाणा में लागू नियमितीकरण नीति के तहत पक्का होने से वंचित रह गए कर्मचारी भी शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा बॉक्स कैशलेस मेडिकल सुविधा अब कर्मचारियों को मिलेगी, न्यूनतम मजदूरी पाने वाले कर्मचारियों का ईपीएफ व ईएसआइ अलग से कटेगा, ग्रेड पे में बढ़ोतरी होगी, एश्योर्ड करियर प्रोग्रेसन स्कीम के तहत लाभ की समय सीमा 10-20-30 वर्ष के बजाए 8-16-24 की गई, अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों को समान काम, समान वेतन मिलेगा, तकनीकी पदों पर कार्यरत कर्मियों को दिए गए तकनीकी स्केल की नहीं रिकवरी होगी, हड़ताल के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज केस वापस होंगे।