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Friday, March 7, 2014

हेडमास्टरों को नहीं पता क्या कार्य करें

भिवानी : प्रदेश में शिक्षा विभाग के अजीब कारनामे है। विभाग द्वारा 5500 अध्यापकों को जून में मिडल हेड बनाया गया था। हैरत की बात यह है कि आज तक इन मिडिल हेड (मौलिक मुख्याध्यपक) को इनकी जिम्मेवारी से संबंधित दिशा निर्देश नहीं दिए गए हैं। ऐसा नहीं होने से अनेक स्कूलों में असमंजस की स्थिती बनी हुई है। पदोन्नत हुए ये मिडिल हैड भी जिम्मेवारी नहीं मिलने से परेशान है। अब इन मौलिक मुख्याध्यपकों ने फिर से विभाग के निदेशक को जिम्मेवारी देने का आग्रह किया है। जून में शिक्षा विभाग ने प्रदेश के लगभग 55सौ अध्यापकों को मौलिक मुख्याध्यपक बनाया था। इनमें से 45सौ ने मौलिक मुख्याध्यपक के तौर पर विभिन्न स्कूलों में ज्वाईन भी कर लिया, लेकिन असमंजस की स्थिती वहा पैदा हो गई जहा पर पहले से ही विद्यालय में हाई स्कूल हैड या प्रिंसिपल थे। इसके बाद यह माग भी उठाई गई कि इन मौलिक मुख्याध्यपक की जिम्मेवारी निर्धारित की जाए तथा इस बारे में दिशा निर्देश भी मुख्यालय से भेजे जाएं। मगर ताज्जाुब की बात तो यह है कि आज तक भी इन मौलिक मुख्याध्यपक को कोई दिशा निर्देश नहीं मिले हैं। जिम्मेवारी नहीं होने के चलते अधिकतर हैड स्कूलों में टाईम पास कर वापस लौट आते हैं, क्योकि इनकी न तो पढ़ाने की जिम्मेवारी है और नहीं स्कूल संभालने की। हाई स्कूलों में हेडमास्टर इचार्ज दसवीं तक के स्कूलों में वहा के हैड मास्टर ही इचार्ज होते है। ऐसे भी विद्यालय है जहा पर मौलिक मुख्याध्यपक और हाई स्कूल के हैड दोनों तैनात है। इसके अलावा यही हालत सीनियर सेकैंडरी स्कूलों में भी है। विभाग जिम्मेदारी तय करे : कर्मचारी नेता हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ 71 के प्रदेश प्रवक्ता जयबीर नफरिया का कहना है कि विभाग को चाहिए कि वह मौलिक मुख्याध्यापकों की जिम्मेवारी निर्धारित करे, इससे स्कूलों में माहौल खराब नहीं होगा। ऐसा नहीं होने से अधिकतर स्कूलों में विवाद बना हुआ है। विभाग के मंत्री व निदेशक को इस समस्या के बारे में पहले भी अवगत करवाया गया था, अब एक बार फिर से माग की गई है कि इस समस्या का समाधान किया जाए।