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Monday, April 21, 2014

गलती शिक्षा विभाग की खमियाजा पीजीटी को

यशपाल शर्मा, चंडीगढ: शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लचर कार्यप्रणाली का खमियाजा हिंदी विषय के चयनित पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) पुरुष उम्मीदवारों को भुगतना पड़ रहा है। विभाग की चूक के कारण डेढ़ महीने से 593 पीजीटी इधर-उधर भटक रहे हैं। नियुक्ति की सारी प्रक्रिया सेकेंडरी शिक्षा विभाग के पीजीटी काउंसलिंग हेड द्वारा 85 उम्मीदवारों को डबल स्टेशन आवंटित करने के कारण उलझी है। बीते महीने जब यह चूक हुई तो उप निदेशक सेकेंडरी जयवीर ढांडा ने 5 मार्च को ही शाम तक वेबसाइट पर नियुक्ति पत्र डालने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में मामला चुनाव आचार संहिता के फेर में फंसा दिया गया। सेकेंडरी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक एमके आहुजा की ओर से केंद्रीय चुनाव आयोग व निर्वाचन विभाग को भेजे गए पत्र से पीजीटी की नियुक्ति लंबा खिंचती नजर आ रही है। शिक्षा विभाग ने 593 पीजीटी के साथ कुछ ऐसे मामलों की नियुक्ति की अनुमति भी चुनाव आयोग से मांग ली है जो कोर्ट में विचाराधीन हैं, इसलिए जब तक पीजीटी हिंदी की नियुक्ति की फाइल अलग से नहीं भेजी जाती तब तक इन्हें नियुक्ति के लिए इंतजार करना पड़ेगा। शिक्षा निदेशक सेकेंडरी चंद्रशेखर का कहना है कि नियुक्ति का इंतजार कर रहे चयनित पीजीटी का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला है, जल्द ही उचित कदम उठाया जाएगा। पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति पर रोक नहीं : प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीकांत वालगद ने कहा कि पात्र चयनित पीजीटी हिंदी के पुरुष उम्मीदवारों की नियुक्ति पर कोई आपत्ति नहीं है। शिक्षा विभाग को इनकी ज्वाइनिंग की अनुमति की फाइल अन्य मामलों से अलग भेजनी चाहिए थी। चयनित उम्मीदवार उनसे मिले हैं, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सड़क पर चयनित उम्मीदवार : निजी स्कूलों में सेवाएं दे रहे पीजीटी हिंदी पुरुष उम्मीदवारों को स्कूल संचालकों ने चयन का पता चलते ही नौकरी से कार्य मुक्त कर दिया है। एक जनवरी को परीक्षा परिणाम आने के बाद से ही चयनित उम्मीदवार सड़कों की धूल फांक रहे हैं। बेरोजगार होने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।