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Wednesday, May 28, 2014

1200 कर्मियों को गलत रिपोर्ट देने पर चार्जशीट करेगी हरियाणा सरकार

चंडीगढ़ ।हरियाणा सरकार अपने करीब 1200 कर्मचारियों को जल्दी ही चार्जशीट करेगी। इन कर्मचारियों पर वर्ष 2007 में हुए बीपीएल सर्वे में जानबूझकर गलत रिपोर्ट देने का आरोप है। ऐसे कर्मचारियों की पहचान के लिए सभी विभागों के प्रधान सचिवों को एडीसी से रिपोर्ट लेकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव एस.सी. चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक में सीएस चौधरी ने बताया कि इस मामले में हाईकोर्ट का लगातार प्रेशर आ रहा है कि बीपीएल सर्वे में गलत रिपोर्ट करने वाले अधिकारी कर्मचारियों की पहचान करके उन पर कार्रवाई की जाए। कोर्ट को जवाब देने के लिए संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके लिए सभी जिलों के एडीसी से रिपोर्ट जल्दी से जल्दी मंगवाई जाए। फ्री प्लॉट के लिए पैसे वाले भी बन गए थे बीपीएल दरअसल 2007 में जब बीपीएल सर्वे हुआ तब सरकार ने बीपीएल परिवारों को 100-100 गज के प्लॉट नि:शुल्क देने की घोषणा कर रखी थी। इसी वजह से अनेक ऐसे लोग भी बीपीएल परिवार बना दिए गए थे जो आर्थिक रूप से काफी संपन्न थे। इनमें सरकारी कर्मचारी से लेकर पंच-सरपंच, कोठी- बंगले वाले तक शामिल थे। तीन बार हुआ सर्वे, तीनों बार गलत रिपोर्ट बीपीएल सर्वे-2007 में बड़े स्तर पर हुई गड़बडिय़ों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उस समय तीन-तीन बार सर्वे करवाया गया, लेकिन इससे जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों ने हर बार गलत रिपोर्ट दीं। घर के बाहर रंग पुतवाने पर खुला भेद वास्तविक बीपीएल परिवारों का पता लगाने के लिए जब सरकार ने चयनित परिवारों के मकानों पर तिरंगे रंग से पहचान दर्ज करनी शुरू की तो सारा भेद खुल गया। इसमें कई ऐसे लोग भी बीपीएल में चयनित पाए गए जिनकी बड़ी-बड़ी कोठियां और बंगले थे। इस पर प्रदेशभर में घर के बाहर रंग पुतवाने का विरोध हुआ। इस पर सरकार को रंग पुतवाने का फैसला रद्द करना पड़ा था। बीपीएल सर्वे 2007 प्रधान सचिवों को एडीसी से रिपोर्ट लेकर कार्रवाई करने के निर्देश