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Tuesday, June 24, 2014

पुरानी फाइलों से निकली इतिहास की खुशबू

नई दिल्ली : मंत्रालयों को साफ सुथरा रखने की पीएम नरेंद्र मोदी की मुहिम के तहत होम मिनिस्ट्री में पुरानी और बिना काम की फाइलों को नष्ट किया जा रहा है। इनमें तमाम ऐतिहासिक महत्व की दिलचस्प फाइलें भी सामने आईं, जिन्होंने बीते जमाने की याद ताजा कर दी। एक फाइल राष्ट्रपति की उस मंजूरी की थी, जो आजाद भारत के पहले गवर्नर जनरल लॉर्ड माउंटबेटन को 64 हजार रुपये टीए-डीए भत्ते के रूप में देने से संबंधित थी। यह राशि आज कई करोड़ रुपये होगी। अन्य दिलचस्प फाइल देश के पहले राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद की ओर से पेंशन लेने से इनकार संबंधी थी। उनकी पेंशन अंतत: सरकार के आपदा कोष में भेजी गई। एक अन्य फाइल से पता लगा कि पूर्व राष्ट्रपति लाल बहादुर शास्त्री का वेतन भी आपदा कोष में भेजा गया था। शास्त्री ने भी वेतन लेने से इनकार कर दिया था। एक अधिकारी ने बताया कि एक फाइल में उस कैबिनेट बैठक का ब्यौरा था, जो महात्मा गांधी के निधन की खबर की घोषणा से पहले बुलायी गयी थी। हालांकि अभी इस बारे में कोई स्पष्ट गाइडलांइस नहीं कि इन दुर्लभ फाइलों का क्या किया जाय।