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Monday, June 9, 2014

इंटर्नशिप के विरोध में उतरे छात्र अध्यापक

गुड़गांव: डीएड छात्र-अध्यापक संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में छात्र अध्यापकों ने एक रैली निकाली। यह रैली कमला नेहरू पार्क से होते हुए सदर बाजार के रास्ते कमिश्नर निवास पर पहुंची। वहां पहुंचकर सभी ने आयुक्त व एससीईआरटी की निदेशक के माध्यम से मुख्यमंत्री को डीएड में इंटर्नशिप के संदर्भ में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में इन्होंने मांग की कि एक साल की इंटर्नशिप को रद्द किया जाए। छात्र अध्यापकों के मुताबिक हरियाणा राज्य में ही ऐसा है कि डीएड तीन वर्ष की है व एक वर्ष का इंटर्नशिप है। छात्र अध्यापकों ने इस दौरान मांग की कि इस इंटर्नशिप को रद्द किया जाए और जो छात्र इंटर्नशिप कर चुके हैं उन्हें उचित मानदेय दिया जाए। छात्र अध्यापक संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष राहुल मलिक ने बताया कि हरियाणा के अलावा देश के सभी राज्यों में डीएड का कोर्स मात्र वर्ष की अवधि का है लेकिन हरियाणा राज्य में यह कोर्स तीन वर्ष का है। मलिक के मुताबिक इस अतिरिक्त भार से हरियाणा के सभी डीएड छात्र अध्यापकों के भविष्य का नुकसान हो रहा है। तथा हरियाणा सरकार की तरफ से अतिरिक्त एक वर्ष की इंटर्नशिप में मानदेय के रूप में ना तो कोई वेतनमान तय हुआ है और न ही किसी प्रकार की कोई सुविधा दी जा रही है। ज्ञापन के माध्यम से सभी डीएड छात्र अध्यापाकों ने अतिरिक्त एक वर्ष का पुरजोर विरोध किया इस रैली में गजेंद्र तंवर जिला उपाध्यक्ष, मोहित, रवींद्र, महेश, प्रीति, मीनाक्षी, नेहा,सचिन, राधा सहित सैकड़ों की संख्या छात्र अध्यापक शामिल रहे। डीएड का कोर्स पहले दो वर्ष का था। ऐसे में इसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी दाखिले लेते थे लेकिन हाल के वर्षो में इस कोर्स में एक साल और बढ़ा दिया गया ऐसे में विद्यार्थियों को रुझान इस कोर्स से घटने लगा है। इसका परिणाम डीएड दाखिलों पर दिखाई भी देता है। डीएड कोर्स करने के बाद एक साल की इंटर्नशिप को अनिवार्य कर दिया गया। ऐसे में फील्ड में एक वर्ष की इंटर्नशिप करनी आवश्यक है। इस हिसाब से यह कोर्स दो से बढ़ कर तीन वर्ष की अवधि का कर दिया गया है।